
जब अटल जी के किडनैप की उड़ी थीं अफवाहें, तो उन्होंने कहा- किसकी मां ने...
नई दिल्ली। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अब हमारे बीच नहीं रहे। बीजेपी के साथ-साथ देश के इतिहास के दिग्गज नेता अटल जी का निधन 16 अगस्त को दिल्ली के एम्स में हुआ। शाम 05:05 मिनट पर उन्होंने आखिरी सांस ली, वे 93 वर्ष के थे। अटल जी लंबे समय से बीमार थे.. उन्हें किडनी ट्रैक्ट इंफेक्शन, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, सीने में जकड़न जैसी कई समस्याएं थीं। अटल जी की नाज़ुक तबियत की खबर सुनने के बाद एम्स में देश के दिग्गज नेताओं का तांता लग गया। बीजेपी के तमाम छोटे-बड़े नेताओं के साथ ही वहां विपक्षी पार्टियों के अनेक नेता भी उनका हाल-चाल जानने के लिए एम्स पहुंचे। लेकिन देश के दिग्गज डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी अटल जी को बचाया नहीं जा सका।
आज हम अटल जी के बारे में आपको एक बेहद ही दिलचस्प वाक्या बताने जा रहे हैं। जिसे पढ़ने के बाद आपके दिलों में अटल जी के लिए और जगह बन जाएगी। दरअसल साल 1971 में ताशकंद समझौते के दौरान हाजीपीर और ठिथवाल की जमीनें वापस देने वाले फैसले के खिलाफ विपक्षी पार्टियों ने जमकर विरोध किया। उस वक्त बीजेपी के नेता राजेंद्र गहलोत और दामोदर बंग ने कहा था कि उस वक्त अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी समेत लगभग सभी विपक्षी पार्टियों ने बॉर्डर पर सत्याग्रह शुरू कर दिया है। अटल बिहारी वाजपेयी ने एक जनसभा को संबोधित किया और फिर वहां से मुनाबाव के लिए रवाना हो गए थे।
अटल जी के साथ गुमानमल लोढ़ा, जगदीश माथुर, राजेंद्र गहलोत और दामोदर बंग भी थे, जो राजस्थान के बाड़मेर से करीब 160 किमी दूर पाकिस्तान के सिंध प्रांत में स्थित छाछरू गांव गए थे। इसी बीच अटल जी के अपहरण की अफवाहें उड़ा दी गईं। वहां से वापस बाड़मेर लौटने के बाद अटल जी ने अपने अपहरण की झूठी खबरों के बारे में सुना तो उन्होंने बड़े ही चुटकीले अंदाज़ में कहा- 'किसकी मां ने अजमा खाया, जो मेरा अपहरण कर ले।' अटल जी की इन बातों को सुनने के बाद वहां मौजूद सभी कार्यकर्ता ज़ोर-ज़ोर से हंसने लगे।
Published on:
17 Aug 2018 10:48 am
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