
नई दिल्ली। राजनीति के क्षेत्र में इंदिरा गांधी ( Indira Gandhi ) एक जाना पहचान नाम रही हैं। उन्होंने अपनी धाकड़ पर्सनालटी और सही फैसलों के चलते अलग ही मुकाम हासिल किया है। आज उनके 102वें जन्मदिन ( Birthday special story ) के मौके पर हम उनसे जुड़ी कुछ ऐसी बातों के बारे में बताएंगे, जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगे। इन्हीं में से एक है उनके बचपन के किस्से। आज भले ही इंदिरा का खास वजूद है। मगर उनके जन्म के समय परिवार के कुछ लोग नाखुश थे।
इस बात का खुलासा काफी पहले इंदिरा गांधी ने खुद एक इंटरव्यू में किया था। उनके मुताबिक जब 19 नवंबर 1917 को इलाहाबाद के स्वराज भवन में उनका जन्म हुआ तो सबसे ज्यादा खुश उनके पिता जवाहर लाल नेहरू हुए। मगर परिवार में बेटी के जन्म पर उनके परिवार के कई लोग निराश हुए थे। वे बेटी की जगह बेटे का जन्म चाहते थे।
अपने बचपन से जुड़े किस्से के बारे में बताते हुए इंदिरा ने कहा था कि नेतृत्व करने की क्षमता उनके बचपन से ही विकसित हुई थी। जब वह 12 साल की थीं तब उन्होंने बच्चों की एक वानर सेना बनाई और उसका नेतृत्व किया था। वानर सेना बनाने का विचार उनके मन में रामायण से आया था। चूंकि इंदिरा बचपन से ही देखने में बहुत सुंदर थीं और किसी को भी पलभर में मोह सकती थीं इसलिए उनके पिता जवाहर लाल नेहरू ने उनका नाम प्रियदर्शिनी रखा था। इंदिरा के जीवन में जवाहर लाल नेहरू ही एक ऐसे शख्स थे जिन्होंने आखिर तक इंदिरा का साथ दिया था।
Published on:
19 Nov 2019 10:51 am
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