
Research on Coronavirus
नई दिल्ली। कोरोनावायरस का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। अब इसने इंडिया में भी अपने पैर पसार लिए हैं। ऐसे में इस बीमारी को लेकर तरह-तरह के शोध भी किए जा रहे हैं। हाल ही में वुहान के वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस की जड़ तक पहुंचने के लिए लगभग वायरस से संक्रमित 2173 लोगों पर अध्ययन किया गया। इसमें पाया गया कि कुछ खास ब्लड ग्रुप के लोगों को ये बीमारी जल्दी चपेट में ले रही है। जबकि दूसरे ब्लड ग्रुप के लोग इतने ज्यादा प्रभावित नहीं हो रहे हैं।
एक ब्रिटिश अखबार में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार हुबेई प्रांत के तीन अस्पतालों में भर्ती कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों में करीब 206 लोगों की मौत हो गई थी। हैरानी की बात यह है कि इनमें से 85 लोगों का ब्लड ग्रुप ए था। शोधकर्ताओं ने जिन 2173 संक्रमित लोगों पर रिसर्च की थी, उसमें पाया गया कि करीब 38 फीसदी लोग ब्लड ग्रुप ए वाले हैं। वहीं इससे सबसे कम प्रभावित होने वालों में से ब्लड ग्रुप ओ के लोग हैं। उनमें महज 26 फीसदी लोग ही ऐसे मिले जो कोरोनावायरस से संक्रमित हुए थे।
चीन के तियानजिन स्थित स्टेट की लेबोरटरी ऑफ एक्सपेरिमेंटल हीमैटोलॉजी के वैज्ञानिक गाओ यिंगदाई ने कहा है कि यह रिसर्च कोरोना के इलाज को खोजने में मदद करेगी। वैज्ञानिकों ने बताया कि पहले भी एक भयंकर बीमारी फैली थी। जिसका नाम सार्स-सीओवी-2 (SARS-COV-2) था। उस वक्त भीब्लड ग्रुप ओ के लोग कम बीमार पड़े थे, जबकि बाकी ब्लड ग्रुप के लोग काफी ज्यादा प्रभावित हुए थे। वैज्ञानिकों का कहना है कि ब्लड ग्रुप ए वाले ज्यादा सतर्क रहें, लेकिन दूसरे ब्लड ग्रुप के लोग इस बीमारी को हलके में न लें। क्योंकि लापरवाही के चलते जान भी जा सकती है। फिलहाल दुनिया भर में कोरोना वायरस की वजह से 187,725 लोग संक्रमित हैं। जबकि, 7822 लोगों की मौत हो चुकी है।
Published on:
18 Mar 2020 09:03 am
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