
शहीद का पार्थिव शरीर लेकर गांव पहुंचा था जवान, मां ने बोल दी ऐसी बात की सैनिक के साथ-साथ पूरा गांव रो पड़ा
नई दिल्ली। बीती छह जुलाई को शहीद हुए रंजीत सिंह तोमर के पार्थिव शरीर को सोमवार को उनके गांव रेव पहुंचा दिया गया। रंजीत के पार्थिव शरीर को सुबह करीब छह बजे सेना के कुछ जवान लेकर पहुंचे थे। बेटे के पार्थिव शरीर को गांव लाने की खबर सुनते ही शहीद की मां रोती-बिलखती घर से बाहर निकली और बेटे के ताबूत से लिपटकर रोने लगी। रंजीत के बॉडी लेकर पहुंचे जवान से लिपटकर मां रो-रो कर कह रही थी कि मेरा बेटा शहीद हुआ है तो क्या हुआ, तुम भी तो मेरे बेटे ही हो। रंजीत की मां के इन शब्दों को सुनकर वो जवान ही नहीं बल्कि वहां मौजूद सभी लोग भी भावुक हो गए और अपने आंसुओं को नहीं रोक पाए।
श्रद्धांजलि देने उमड़ा गांव, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में आखिरी दम तक आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हुए रंजीत तोमर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। रंजीत के छोटे भाई रामबाबू ने उनके पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। प्रदेश के शहीद बेटे की अंतिम विदाई में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा कई बड़े लोग भी पहुंचे। रंजीत तोमर के पिता प्रताप सिंह से बातचीत करते हुए सीएम ने कहा कि पूरा एमपी उनके साथ है। इसके अलावा सीएम ने शहीद की मां द्रौपदी, दोनों भाई रामबाबू और हीरा सिंह और बहन नैना से भी मिले और उनका हौंसला बढ़ाया।
शहीद के परिवार को सम्मान के तौर पर मिलेंगे एक करोड़ रुपये
सीएम चौहान ने शहीद रंजीत के बलिदान को सम्मान देते हुए कई घोषणाएं की। चौहान ने ऐलान किया कि सम्मान निधि के तौर पर रंजीत के परिवार को एक करोड़ रुपये, परिवार के एक सदस्य के लिए सरकारी नौकरी, दतिया में फ्लैट दिया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश के किसी संस्थान को शहीद रंजीत का नाम भी दिया जाएगा। इसके साथ ही गांव शहीद रंजीत तोमर के नाम पर एक पार्क बनाया जाएगा और प्रतिमा भी बनाई जाएगी।
Published on:
10 Jul 2018 11:36 am
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