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सिर कटने के बाद भी जिंदा रहा मुर्गा, 18 महीने तक सड़कों पर लगाता रहा दौड़

सिर कटने के 18 महीने बाद तक जिंदा रहा मुर्गा सिरकटे मुर्गे का नाम 'मिरैकल माइक' रखा गया

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headless chicken

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नई दिल्ली। यदि किसी जीव की गर्दन कट जाए तो उसकी मौत हो जाती है। लेकिन कभी-कभी ऐसा अजूबा होता है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। आज आपको एक ऐसी ही घटना के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे सुन कर हर कोई दंग रह जाएगा। ये बात है एक ऐसे मुर्गे (Cock) की जिसका सिर कटने के बाद भी वह मुर्गा बिना सिर के 18 महीने तक जिंदा रहा। यह घटना है अमेरिका की, आजसे 70 साल पहले एक किसान ने अपने मुर्गे का सिर काटा, लेकिन धड़ से सिर के अलग होने के बाद भी वह मुर्गा मरा नहीं, करीब 18 महीने तक बिना सिर के वह जीवित रहा। यह जानकारी दी मुर्गे के मालिक के प्रपौत्र ट्रॉय वाटर्स (Troy Waters) ने। इतना ही नहीं उस मुर्गे के बारे में ट्रॉय वाटर्स ने और भी कई नायाब जानकारियां दी हैं।

सिर कटने के 18 महीने बाद तक जिंदा रहा मुर्गा

मुर्गा के मालिक लॉयल ओल्सेन (Loyal Olsen) और उनकी पत्नी क्लारा ने 10 सितंबर 1945 को कोलाराडो (Colorado) स्थित फ़्रूटा के अपने फार्म में करीब 40 से 50 मुर्गे-मुर्गियों को काटा। बाकी सभी की तत्काल मौत हो गई, लेकिन एक मुर्गा नहीं मरा, यह देख कर उन्हे काफी हैरानी हुई, उस मुर्गे का सिर कटने के बाद भी वह जिंदा रहा। सिर कटा मुर्गा एक दो घंटे नहीं पूरे 18 महीने तक जिंदा रहा।

ओल्सेन और क्लारा के प्रपौत्र ट्रॉय वाटर्स ने बतया कि वह मुर्गा सिर ना होने के बाद भी दौड़-भाग करता रहा था।

ट्रॉय वाटर्स ने दावा किया कि उनके दादा जब काटे गए मुर्गे को समेटने लगे तो सिर कटे मुर्गों में से एक जिंदा मुर्गा मिला, उनकी हैरानी का तब और ठिकाना नहीं रहा जब बिना सिर के वह मुर्गा दौड़-भाग करता देखा गया। लॉयल ओल्सेन ने उस सिर कटे मुर्गे को एक सेब की पेटी में बंद कर दिया। अगली सुबह लॉयल ओल्सेन इस उम्मीद से बॉक्स देखेने गए कि अब तक मुर्गा शात हो चुका होगा। लेकिन तब उनके आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा जब सुबह वह मुर्गा उन्हें जिंदा मिला।

सिर कटे मुर्गे पर बाजार में लगने लगी शर्त

उस सर कटे मुर्गे दो लेकर वाटर्स मीट बाजार गए तो मीट मार्केट में उस सर कटे मुर्गे को देखने वालों की भीड़ लग गई। बाद में यह घटना पूरे फ़्रूटा में आग की तरह फैल गई। इस घटना को एक स्थानीय न्यूज पेपर ने मुर्गे के मालिक ओल्सेन के इंटरव्यू के साथ छापा, जिससे यह खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई।

सिरकटे मुर्गे का नाम 'मिरैकल माइक' रखा गया

इस खबर को जान कर एक साइड शो के अरेंजर होप वेड (Hope Wade) ने यूटा प्रांत के साल्ट लेक सिटी से आकर मुर्गे के मालिक ओल्सेन को अपने यहां शो में आने की पेशकश रखी। इतना ही नहीं इस घटना के बाद यूटा विश्वविद्यालय (University of Utah) में उस सिर कटे मुर्गे की गहन जांच-पड़ताल की गई। विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने यह परखने के लिए कई मुर्गों के सिर काट डाले लेकिन एक भी मुर्गा नहीं बचा। उसके बाद होप वेड ने मुर्गे का नाम रखा 'मिरैकल माइक'(Miracle Mike) ।