
नई दिल्ली। पुलिस की वर्दी पहनना हर युवा की तमन्ना होती है। लेकिन क्या हुआ जो मुंबई पुलिस का यह कॉन्स्टेबल अपने सीनियर्स से भीख मांगने की गुहार लगा रहा है? उसकी इस लाचारी के पीछे क्या कारण है? और अगर कोई मजबूरी है तो वह क्या है? खबर हैरान कर देने वाली है। आपको बता दें मुंबई पुलिस का यह कांस्टेबल चिट्ठी लिखकर सीएम और अपने सीनियर्स से वर्दी पहनाकर भीख मांगने की मंजूरी मांग रहा है। कॉन्स्टेबल ने बाकयदा मराठी में भीख मांगने की परमिशन लिखित में मांगी है। मीडिया में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार दन्यनेश्वर अहीरराव नाम के इस हवलदार जो शिव सेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के घर की सुरक्षा में तैनात है ने सीएम देवेंद्र फडनविस और पुलिस कमिश्नर दत्तात्रय पडसलगीकर को दो महीने से वेतन न मिलने की शिकायत करते हुए, इस मुश्किल की घड़ी में भीख मांगने फ़रियाद की है।
घरेलू और आर्थिक परेशानी से जूझ रहे कांस्टेबल ने बताया है कि अपनी बीमार पत्नी की देखभाल और घरेलू खर्च निकालने के लिए उसके पास भीख मांगने के अलाव कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। बता दें, दन्यनेश्वर 20-22 मार्च तक छुट्टी लेकर अपने घर गया था, पर इसी बीच उसकी पत्नी के पैर में फैक्चर हो गया जिस वजह से वह ड्यूटी पर वापस नहीं आ सके। हीरराव ने अपने विभाग के आलाधिकारियों, पुलिस कमिश्नर और मुख्यमंत्री फडणवीस से फरियाद की है कि अपनी बीमार पत्नी की देखभाल और घरेलू खर्च निकालने के लिए उसके सामने भीख मांगने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है। जाहिर है कि किसी भी नौकरीपेशा व्यक्ति के लिए महीने की तनख्वाह ही सब कुछ होती है। एक-एक दिन का हिसाब वेतन मिलने की तारिख के इर्द-गिर्द घूमता है। घर की जरूरतें, बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्ग माता-पिता की दवाएं और किस्तें, सबकुछ बटुए की सेहत पर आश्रित है। अहीरराव ने एप्लीकेशन में लिखा है कि उनके द्वारा लिए गए लोन की मासिक किश्त भी देनी होती है, लेकिन पिछले 2 महीने से सैलरी न मिलने के कारण मेरी माली हालत बहुत खराब है। देश की आतंरिक सुरक्षा-व्यवस्था में इन सिपाहियों और कॉन्स्टेबलों का महत्व रीढ़ की हड्डी जैसा है। लेकिन उनकी अपनी हालत चिंताजनक स्तर तक पहुंच चुकी है।
Published on:
14 May 2018 03:29 pm
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