
kill corona
नई दिल्ली। पूरी दुनिया में कोरोना वायरस (Coronavirus) के आकंड़े लगातार बढ़ रहे हैं। ताजे आकंड़ों के मुताबिक 1.5 करोड़ से अधिक लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। वहीं साढ़े 5 लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि 60 लाख से अधिक लोग इस बीमारी से ठीक भी हो चुके हैं। लेकिन अब कहा जा रहा है कि एक बार कोरोना वायरस से बीमार होकर ठीक होने वाले लोगों को फिक से कोरोना अपना शिकार बना सकता है।
दरअसल, एक स्टडी में पता चला है कि कोरोना मरीजों के शरीर में बनी एंटीबॉडीज (Coronavirus antibodies) कुछ हफ्ते में गायब हो सकती हैं। thetimes.co.uk की रिपोर्ट के मुताबिक, स्पेन में करीब 70 हजार से अधिक लोगों पर स्टडी की गई,जिसमें पता चला कि 14 फीसदी जिसने शरीर में कोरोना एंटीबॉडीज मौजूद था उनकी दो महीने बाद जब जांच की गई तो पता चला कि उनके शरीर में कोरोना एंटीबॉडीज मौजूद ही नही था।
Lancet जर्नल में ये स्टडी प्रकाशित इस स्टडी को स्पेन के कार्लोस-3 इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर रकील योती (Rakeel yoti) के अगुवाई में किया गया। रकील के मुताबिक 'इम्युनिटी अधूरी हो सकती है। इम्युनिटी अस्थाई भी हो सकती है। यह कम समय के लिए हो सकती है और गायब भी हो सकती है। इसलिए आपको कोरोना से बचने के लिए हर संभव प्रयास करने की जरूरत है।
स्टडी से पता चला है कि जिसमें कोरोना संक्रमण (Coronavirus) की वजह से सिर्फ मामूली लक्षण ही देखने को मिले थे उनके लिए खतरा बरकरार है। यानी जो लोग कोरोना से संक्रमित हुए, लेकिन हल्के तौर से ही बीमार पड़े। उनमें इम्युनिटी डेवलप होती है और कुछ हफ्ते में गायब हो जाती है। ऐसे में ये लोग फिर से कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं।
इतना ही कई मामले ऐसे भी सामने आए हैं जिसमें बिना लक्षण वाले कोरोना मरीजों में पर्याप्त एंटीबॉडीज बन ही नहीं पाई थी। इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ रिडिंग में वायरोलॉजी के प्रोफेसर इआन जोन्स ने की माने तो जो लोग एंटीबॉडीज टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाते हैं, उन्हें ये नहीं मानना चाहिए कि वे अब सुरक्षित हो गए हैं। हो सकता है वे सुरक्षित हों, लेकिन ये अभी तक स्पष्ट नहीं है।
इसके अलावा मेडिकल जर्नल द लांसेट (medical journal the lancet) में प्रकाशित शोध के मुताबिक अप्रैल में स्पेन में कोरोना अपने चरम पर था। इस दौरान यहां 250,000 से अधिक मामलों की पुष्टि की गई थी और 28,000 से अधिक मौतों हुई था। इन वजहों से ये माना जा रहा था कि स्पेन के काफी अधिक लोग इम्यून हो चुके होंगे.।लेकिन स्टडी में पता चला है कि अब तक स्पेन की सिर्फ 5 फीसदी आबादी ही इम्यून हो पाई है। इस आंकड़े के आधार पर यह भी कहा जा रहा है कि नेचुरल तरीके से कोरोना के खिलाफ हर्ड इम्युनिटी हासिल करना संभव नहीं होगा।
Updated on:
07 Jul 2020 11:16 pm
Published on:
07 Jul 2020 08:04 pm
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