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सिर्फ छूने या छींकने से ही नहीं इंसानी मल से भी फैल रहा कोरोनावायरस, सैंपल टेस्ट निकला पॉजिटिव

Coronavirus Though Human Stool : चीन की हॉन्गकॉन्ग यूनिवर्सिटी के मेडिसिन विभाग के शोधकर्ताओं ने किया खुलासा कोरोना से संक्रमित लोगों के थूक और स्टूल समेत दूसरी चीजों के लिए गए थे सैंपल

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Mar 18, 2020
Coronavirus Though Human Stool

नई दिल्ली। कोरोनावायरस (Coronavirus) के कहर ने आधी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। ऐसे में इसके बचाव के लिए लगातार प्रयोग किए जा रहे हैं। हाल ही में वुहान के वैज्ञानिकों ने एक शोध किया। जिसमें पता चला कि ब्लड ग्रुप ए वालों को कोरोना का खतरा ज्यादा है। वहीं एक यूनिवर्सिटी ने इस मामले में एक नया खुलासा किया है। विश्वविद्यालय के मुताबिक कोरोनावायरस इंसान के मल (Human Stool) के जरिए भी फैल रहा है। इस सिलसिले में वायरस से संक्रमित करीब 339 लोगों के सैंपल लिए गए हैं।

हॉन्गकॉन्ग यूनिवर्सिटी के मेडिसिन विभाग के शोधकर्ताओं ने हाल ही में कोविड-19 मरीजों के शरीर के अलग-अलग हिस्सों के सैंपल (sample) लिए हैं। इनमें मल, मूत्र, नाक से स्वैब, गले से थूक और खून आदि शामिल थे। रिसर्च में एक चौंकाने वाली बात सामने आई। इसमें पता चला कि करीब 14 मरीजों के मल में कोरोना का संक्रमण दिखाई दिया। इतना ही नहीं ये सारे लोग मल की वजह से ही कोरोना के शिकार बने हैं। हालांकि उनके यूरिन टेस्ट में ऐसा कुछ नहीं मिला। इसके अलावा चार मरीजों के खून में कोरोना का संक्रमण पाया गया।

यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पॉल चैन के-श्योंग ने बताया कि कोरोनावायरस सिर्फ छूने, छींकने या खांसने से नहीं फैलता। यह कोरोना संक्रमित इंसान के मल से भी दूसरे इंसानों को जकड़ सकता है। अब चीन के शोधकर्ता चाहते हैं कि दुनिया भर में सभी कोरोना संदिग्धों की स्टूल टेस्ट (मल जांच) हो ताकि, कोरोना की पुष्टि और पुख्ता हो सके। उन्होंने ये भी बताया कि मरीजों के थूक की भी जांच की गई। उनके 1 मिलिलीटर थूक में 32 लाख वायरस पाए गए।जबकि, इंसानी मल में 12 हजार वायरस प्रति मिलिलीटर था। ऐसे में लोगों से हाइजीन मेनटेन करने की अपील की जा रही है।

Published on:
18 Mar 2020 11:33 am
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