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वैज्ञानिकों का नया खुलासा, ठीक होने की बावजूद भी मरीजों को नहीं मिलेगी Corona से छुटकारा, लंबे वक्त तक रहेगी दिक्कत

Highlights -तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के बीच इसकी दवा के लिए विज्ञानिक हर रोज नई रिसर्ज कर रहे हैं -इस बीत चीन के वैज्ञानिकों की एक हालिया चेतावनी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं -चीन के डॉक्टरों ने चेतावनी देते हुए दावा किया है कि कोरोना वायरस जैसे महामारी से ठीक हुए मरीज लंबे वक्त तक किसी न किसी तखलीफों व समस्यों से घिरे रहेंगे

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वैज्ञानिकों का नया खुलासा, ठीक होने की बावजूद भी मरीजों को नहीं मिलेगी Corona से छुटकारा, लंबे वक्त तक रहेगी दिक्कत

वैज्ञानिकों का नया खुलासा, ठीक होने की बावजूद भी मरीजों को नहीं मिलेगी Corona से छुटकारा, लंबे वक्त तक रहेगी दिक्कत

नई दिल्ली. कोरोना वायरस ( coronavirus Outbreak ) का कहर लगातार जारी है। कोरोना वायरस ( Coronavirus in india ) से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ( Union Ministry of Health and Family Welfare ) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में कोरोना के 3970 नए मामले सामने आए हैं और 103 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 85,940 हो गई है, जिनमें 53,035 सक्रिय हैं, 30,153 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 2752 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, शनिवार को आंध्र प्रदेश में 48, बिहार में 46, ओडिशा में 65 और राजस्थान में 91 नए मामले दर्ज किए गए हैं। तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के बीच इसकी दवा के लिए विज्ञानिक हर रोज नई रिसर्ज कर रहे हैं। इस बीच चीन के वैज्ञानिकों की एक हालिया चेतावनी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। चीन के डॉक्टरों ने चेतावनी देते हुए दावा किया है कि कोरोना वायरस जैसे महामारी से ठीक हुए मरीज लंबे वक्त तक किसी न किसी तखलीफों व समस्यों से घिरे रहेंगे। वे पूरी तरह स्वस्थ्य नहीं रहेंगे व कोई न कोई तखलीफ मरीजों को घेरी रहेगी।

जारी हुई गाइडलाइंस

इसे लेकर चीन के 'नेशनल हेल्थ कमीशन' ने ठीक हुए मरीजों को लेकर भी एक गाइडलाइंस जारी की है, ताकि डॉक्टर्स कोरोना से जंग जीतने वाले मरीजों के शरीर को रेगुलर मॉनिटर कर सकें।

लंबे समय तक हार्ट एरिथमिया या एंजाइमा की समस्या से हो सकते है ग्रस्त

रिपोर्ट में दावा किया गया है कोरोना से ठीक हुए मरीजों में ज्यादातर को बाद में भी फेफड़े, हार्ट डैमेज, मांसपेशियों की समस्या और साइकोलॉजिकल डिसॉर्डर जैसी परेशानियों में इलाज की जरूरत होती है। सरकारी आंकड़े के मुताबिक, चीन में अब तक 78,000 से भी ज्यादा मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि कोरोना ने जिन लोगों को गंभीर रूप से बीमार किया है उन्हें आगे भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इससे उभरने के बाद आप हार्ट एरिथमिया या एंजाइमा का लंबे वक्त के लिए शिकार हो सकते हैं।

ठीक होने के बाद भी मिले गई लक्षण

कोरोना से ठीक हुए रोगियों में डिप्रेशन, इंसोमेनिया, ईटिंग डिसॉर्डर और तमाम तरह की मानसिक और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। इसके अलावा उनकी मांसपेशियों और बॉडी फंक्शन में भी कई तरह की समस्याएं जुड़ सकती हैं।


4.3 प्रतिशत लोगों को डायलिसिस पर रखने की पड़ी जरूरत

मेडिकल जर्नल किडनी इंटरनेशनल में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, नॉर्थवेल हेल्थ मेडिकल फैसिलिटी (न्यूयॉर्क) ने 5,449 कोरोना पॉजिटिव रोगियों पर एक परीक्षण किया है। यहां तीन में एक शख्स में गुर्दे से जुड़ी गंभीर समस्या देखी गई। शोध के प्रमुख और नॉर्थवेल में नेफ्रोलॉजी के चीफ एसोसिएट केनार झावेरी ने बताया कि 14.3 प्रतिशत लोगों को डायलिसिस पर रखने की जरूरत पड़ती है।