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क्या कोरोना के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा भारतीय वैज्ञानिक ने बनाई थी ? जानें क्या है सच

-Coronavirus: कोरोना ( COVID-19 Treatment ) के इलाज के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा ( Hydroxychloroquine Medicine ) की मांग जोरों पर है।-इन दिनों हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा कोरोना ( Hydroxychloroquine for Corona ) के लिए काफी चर्चित है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि इस दवा को भारतीय वैज्ञानिक ने बनाई थी।-वैज्ञानिकों ने शोध पाया कि मलेरिया के लिए उपयोग में ली जाने वाली हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन कोविड-19 बीमारी ( COVID-19 ) के लिए कारगर साबित हो सकती है।

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covid-19 Was hydroxychloroquine medicines found by indian scientist ?

नई दिल्ली।
भारत समेत पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस ( coronavirus ) के संकट से जूझ रही है। अब तक 1 लाख 10 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 18 लाख से ज्यादा लोग इससे संक्रमित ( COVID-19 ) हो चुके है। वैज्ञानिक और डॉक्टर्स कोरोना की वैक्सीन ( Coronavirus Vaccine ) खोजने में जुटे है। लेकिन, अभी तक कोई दवा और टीका इस बीमारी के लिए तैयार नहीं हो सका है। इसी बीच कोरोना ( COVID-19 Treatment ) के इलाज के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा ( Hydroxychloroquine Medicine ) की मांग जोरों पर है। हाल ही में अमेरिका ने भी भारत ( Coronavirus in india ) से हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा की मांग की थी। इन दिनों हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा कोरोना के लिए काफी चर्चित है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि इस दवा को भारतीय वैज्ञानिक ने बनाई थी।

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क्यों चर्चा में आई हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा ?
दरअसल, वैज्ञानिकों ने शोध पाया कि मलेरिया के लिए उपयोग में ली जाने वाली हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन कोविड-19 बीमारी के लिए कारगर साबित हो सकती है। हालांकि, इस बात की पुष्टि नहीं हुई है। वैज्ञानिक इस पर रिसर्च कर रहे हैं। इसी बीच दावा किया जा रहा है कि कोरोना वायरस ( Coronavirus Updates ) से संक्रमित कई मरीज हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा से ठीक हुए है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( US President Donald Trump ) का भी मानना है कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा कहीं ना कहीं कोरोना पर असर कर रही है। जिसके बाद उन्होंने भारत से इस दवा की मांग की थी।

Fact Check क्या भारतीय वैज्ञानिक ने की थी हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा की खोज ?
यह सही है कि दुनिया में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा का उत्पादन सबसे ज्यादा भारत में होता है। सोशल मीडिया ( Coronavirus Rumors ) पर दावा किया जा रहा है कि इस दवा की खोज भारतीय वैज्ञानिक आचार्य पी सी रे ने की। लेकिन, यह दावा गलत है। बता दें कि डॉ रे भारतीय ने बंगाल केमिक्लस की नींव रखी थी। हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा 1945 में चर्चा में आई थी, जबकि पीसी रे का निधन 1944 में ही हो गया था। पीसी रे क्लिक्वीनोल नाम की एंटी फंगल और एंटी प्रोटोजोअल ड्रग से जुड़े थे। इस दवा का नाम योडोक्लोरोहाइड्रॉक्सीक्विन था, जो हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा से मिलता जुलता नाम है। हालांकि, बाद में हाइड्रोक्सीक्विनोलाइन्स दवा पर प्रतिबंध लगा दिया था।