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प्रेगनेंसी में जरूरत से ज्यादा केसर का सेवन हो सकता है खतरनाक, नवजात को इन बीमारियों का खतरा

Saffron during pregnancy : केसर की तासीर गर्म होने की वजह से 10 ग्राम से अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है केसर के अधिक प्रयोग से होने वाला बच्चा शारीरिक रूप से अक्षम पैदा हो सकता है

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Soma Roy

Nov 26, 2020

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Saffron during pregnancy

नई दिल्ली। प्रेगनेंसी (Pregnancy) के दौरान आज भी गर्भवती महिलाओं का ख्याल रखने के लिए दादी-नानी के नुस्खे आजमाए जाते हैं। इसी के चलते महिलाओं को केसर (Saffron) वाला दूध या केसर युक्त चीजें खाने को दी जाती है। माना जाता है कि इससे बच्चा गोरा एवं हष्ट-पुष्ट पैदा होगा। मगर क्या आपको पता है कि जरूरत से ज्यादा केसर का सेवन भी खतरनाक साबित हो सकता है। दरअसल केसर की तासीर गर्म होती है। आयुर्वेद विज्ञान के अनुसार 10 ग्राम से ज्यादा केसर खाने से गर्भवती महिला एवं होने वाले बच्चे दोनों को नुकसान हो सकता है। इससे नवजात को कई तरह की बीमारियों का खतरा हो सकता है।

1.जरूरत से ज्यादा केसर के सेवन से हार्मोनल संतुलन बिगड़ सकता है। इससे कई बार शरीर अचानक से ठंडा पड़ सकता है तो कभी शरीर एकदम से गर्म हो सकता है। इससे होने वाले बच्चे को कई तरह के रोग हो सकते हैं।

2.केसर की गर्म तासीर के चलते गर्भपात का खतरा बढ़ सकता है। क्योंकि 10 ग्राम से ज्यादा केसर खाने से शरीर का तापमान सामान्य से ज्यादा हो जाता है जिसे बॉडी एडस्ट नहीं कर पाती है।

3.ज्यादा केसर खाने से नवजात का विकास भी प्रभावित हो सकता है। खासतौर पर उसके दिमाग पर बुरा असर पड़ सकता है। ऐसे में बच्चा मानसिक रूप से बीमार पैदा हो सकता है।

4.प्रेगनेंसी में जरूरत से ज्यादा केसर के सेवन से बच्चा विकलांग पैदा हो सकता है। क्योंकि अतिरिक्त गर्मी से बच्चे की शारीरिक विकास की प्रक्रिया पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

5.बहुत ज्यादा केसर खाने से गर्भवती महिला को सिर दर्द, चक्कर और उल्टी की दिक्कत हो सकती है।

6.गर्म दूध के साथ अधिक मात्रा में केसर लेने से शरीर में गर्मी ज्यादा बढ़ सकती है। इससे महिला को घबराहट और बेचैनी महसूस हो सकती है। कई बार तो इसके चलते मुंह, आंख एवं नाक से खून भी आ सकता है।