भारत से व्यापारिक रिश्ते तोड़ने के बाद पाकिस्तान 15 अगस्त को मनाएगा काला दिन आज़ाद होने के 1 साल तक पाक मनाता था 15 अगस्त को आज़ादी का जश्न साल 1948 से बदल दिया अपनी स्वतंत्रता का दिन कुर्बानी बड़ी याद छोटी
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। जहां भारत पाकिस्तान से संबंधों की समीक्षा की बात कर रहा है वहीं पाकिस्तान का कहना है भारत जिस दिन स्वतंत्रता दिवस ( 15 अगस्त ) मनाता है उस दिन वो काला दिवस मनाएंगे। साथ ही वो भारत से अपने राजनयिकों को वापस बुलाएगा। बौखलाए पाक ने भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को देश छोड़ने को कह दिया है। कल पाकिस्तान ने ऐलान किया था कि वह भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों को तोड़ रहा है। जम्मू-कश्मीर से 370 के दो खंड हटाए जाने पर पाकिस्तान का ये कदम साफ बताता है कि उसकी बौखलाहट का मंज़र क्या होगा। गौर करने वाली बात यह है कि पाकिस्तान जो आज 15 अगस्त ( Indian Independence Day ) के दिन भारत का विरोध करने को आमादा है कभी वो भी इसी दिन को अपने स्वतंत्रता दिवस के तौर पर मनाता था। लेकिन क्या वजह थी कि वो 15 अगस्त के बजाय 14 को स्वतंत्रता दिवस मनाने लगा।
गौरतलब है कि भारतवर्ष ब्रिटिश हुकूमत के चंगुल से 15 अगस्त को स्वतंत्र हुआ था। यही वो दिन है जब पाकिस्तान भी अलग राष्ट्र बना था। लेकिन वह अपनी आज़ादी का जश्न 14 अगस्त को मनाता है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के पहले डाक टिकट पर आजादी की तारीख 15 अगस्त 1947 ही दर्ज थी। साथ पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने भी 15 अगस्त को ही आज़ादी की घोषणा की थी।
दरअसल, 14 अगस्त को ब्रिटिश लॉर्ड माउंटबेटन ने पाकिस्तान को अलग राष्ट्र की स्वीकृति दे दी थी। आज़ाद होने के करीब एक साल तक पाकिस्तान 15 अगस्त को ही अपनी आज़ादी का जश्न मनाता था लेकिन साल 1948 में पाकिस्तान ने अपनी आज़ादी की तारीख को 14 अगस्त को कर दिया। कई मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उसके ऐसा इसलिए किया क्योंकि उस दिन रमजान का 27वां दिन था। उसे उन्होंने पवित्र दिन मानकर उसे अपनी आज़ादी का दिन बना लिया। लेकिन इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट के मुताबिक भारत और पाकिस्तान एक ही दिन आज़ाद हुए थे।