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गम्बूजिया मछली से डेंगू और मलेरिया के खात्मे का दावा, बिहार में लाई गईं 20 हजार मछलियां

Control Dengue And Malaria : गम्बूजिया मछलियां मच्छरों के लार्वे को खा जाती हैं, जिससे मच्छर पनप नहीं पाते हैं शुरुआती दौर में कुछ जगहों पर इनका प्रयोग किया जा रहा है, बाद में इसका विस्तार होगा

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Soma Roy

Sep 10, 2020

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Control Dengue And Malaria

नई दिल्ली। एक तरफ जहां कोरोना महामारी से लोग त्रस्त है। वहीं अब डेंगू-मलेरिया (Fear Of Dengue and Malaria) भी अपने पैर पसारने लगी हैं। ऐसे में लोगों को सुरक्षित रखने के मकसद से बिहार के दरभंगा में अनोखा प्रयोग किया जा रहा है। दरअसल यहां के तालाबों और पानी जमा होने वाली जगहों में गम्बूजिया मछलियां (Gambujiya Fish) डाली जा रही हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनसे बीमारी फैलाने वाले मच्छरों का लार्वा नष्ट हो जाएगा। इसी के चलते करीब 20 हजार मछलियां मंगाई गई हैं।

बिहार के दरभंगा (Darbhanga) में 'मछली पालो मच्छर भगाओ' के सिद्धांत के तहत काम हो रहा है। यहां नालंदा से गम्बूजिया मछलियों को मंगाया गया है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दरभंगा के डीएम के अनुसार शहर के प्रमुख तालाबों में मछलियों को डाला गया है। बताया जाता है कि इस मछली का मुख्य भोजन मच्छर का लार्वा है। इसलिए इन्हें ऐसी जगहों पर छोड़ने पर ये लार्वे को खा जाती हैं। इससे नर मच्छर पनप नहीं पाते हैं। इससे बीमारी फैलने का डर भी खत्म हो जाता है।

बताया जाता है कि वैज्ञानिक तरीके से भी गम्बूजिया मछली का प्रयोग सफल पाया गया है। दरभंगा से पहले बिहारशरीफ के तालाबों और गड्ढ़ों में इन मछलियों को डालकर देखा गया था। जिसमें पाया गया कि डेंगू और मलेरिया का कारण बनने वाले मच्छर खत्म हो गए हैं। इसी के आधार पर अब इसे दूसरी जगहों पर प्रयोग किया जा रहा है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक इसकी अधिक सफलता पर जल्द ही दूसरे जिलों में भी इनका इस्तेमाल किया जाएगा।