Gandhi Jayanti Quote: एक विनम्र तरीके से, आप दुनिया को हिला सकते हैं

Gandhi Jayanti Quote: महात्मा गांधी जी के 151वीं जयंती पर हम आपको उनके 10 अनमोल विचारों के बारे में बताने जा रहे हैं

 

By: Vivhav Shukla

Published: 30 Sep 2020, 04:44 PM IST

Gandhi Jayanti Quote: भारत में हर साल 2 अक्टूबर को हम गांधी जंयती (Gandhi Jayanti) मनाते हैं। लेकिन ये दिन देशवासियों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं है। देश को अंग्रेजी हुकूमत से आजादी दिलाने में हमारे राष्ट्रपिता- महात्मा गांधी ने अहम भूमिका निभाई थी। बापू के सम्मान में इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस (International Day of Non-Violence) के रूप में मनाया जाता है।

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महात्मा गांधी ने दुनिया को सत्य और अहिंसा का पाठ पढ़ाया। उनके अनमोल विचार आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं। गांधी जी के 151वीं जयंती पर हम आपको उनके कुछ अनमोल विचारों के बारे में बताने जा रहे हैं।

1- हो सकता है आप कभी ना जान सकें कि आपके काम का क्या परिणाम हुआ, लेकिन यदि आप कुछ करेंगे नहीं तो कोई परिणाम नहीं होगा।

2- यह स्वास्थ्य ही है जो हमारा सही धन है, सोने और चांदी का मूल्य इसके सामने कुछ नहीं।

3- हो सकता है हम ठोकर खाकर गिर पड़ें पर हम उठ सकते हैं; लड़ाई से भागने से तो इतना अच्छा ही हैं।

4- अपने ज्ञान पर जरूरत से अधिक यकीन करना मूर्खता हैं। यह याद दिलाना ठीक होगा कि सबसे मजबूत कमजोर हो सकता है और सबसे बुद्धिमान गलती कर सकता हैं।

5- अहिंसा मानवता के लिए सबसे बड़ी ताकत हैं। यह आदमी द्वारा तैयार विनाश के ताकतवर हथियार से अधिक शक्तिशाली हैं।

6- दुनिया हर किसी के जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त है, लेकिन हर किसी के लालच को पूरा करने के लिए नहीं।

7-आपकी मान्यताएं आपके विचार बन जाते हैं, आपके विचार आपके शब्द बन जाते हैं, आपके शब्द आपके कार्य बन जाते हैं, आपके कार्य आपकी आदत बन जाते हैं, आपकी आदतें आपके मूल्य बन जाते हैं, आपके मूल्य आपकी नियति बन जाती हैं।

8- जब मैं निराश होता हूं, मैं याद कर लेता हूं कि समस्त इतिहास के दौरान सत्य और प्रेम के मार्ग की ही हमेशा विजय होती हैं। कितने ही तानाशाह और हत्यारे हुए हैं, और कुछ समय के लिए वो अजेय लग सकते हैं, लेकिन अंत में उनका पतन होता हैं। इसके बारे में हमेशा सोचो

9- विश्वास को हमेशा तर्क से तौलना चाहिए। जब विश्वास अंधा हो जाता है तो मर जाता हैं।

10- जब मैं सूर्यास्त और चन्द्रमा के सौंदर्य की प्रसंशा करता हूं, मेरी आत्मा इसके निर्माता के पूजा के लिए विस्तृत हो उठती है।

Vivhav Shukla
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