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Ganesh Chaturthi 2020: क्यों मनाई जाती है गणेश चतुर्थी और क्या है इस त्यौहार का खास महत्व? जानिए

भगवान गणेश को सभी संकट हरने वाला कहा जाता है। आज यानी 22 अगस्त 2020 को गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2020) का त्यौहार मनाया जा रहा है। जानिए इस त्यौहार को मनाने का कारण और खास महत्व।

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Neha Gupta

Aug 22, 2020

Ganesh Chaturthi 2020

Ganesh Chaturthi 2020

नई दिल्ली | भगवान गणेश को सभी संकट हरने वाला कहा जाता है। आज यानी 22 अगस्त 2020 को गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2020) का त्यौहार मनाया जा रहा है। अब ये 10 दिन यानी 1 सितंबर तक मनाया जाएगा। भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र गणेश जी को ये उत्सव समर्पित होता है।

गणेश चतुर्थी पर लोग अपने घर में भगवान गणेश की प्रतिमा को लेकर आते हैं या इको-फ्रेंडली तरह से बनाते हैं। पूरे दस दिन उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। गणेश को प्रसाद में खासतौर पर मोदक चढ़ाए जाते हैं। सुबह-शाम सभी उनकी आरती और सभी दुखों को हरने की प्रार्थना करते हैं।

पुराणों के अनुसार, भगवान गणेश की उत्पत्ति माता पावर्ती ने एक प्रतिमा बनाकर की थी। माना जाता है कि मां पावर्ती ने अपने उबटन से एक प्रति बनाई और उसे नाम दिया गणेश। उसके बाद वो स्नान करने गई और गणेश जी को द्वार के पास पहरा देने को कहा कि किसी को अंदर आने की अनुमति मत देना।

बाल गणेश पूर्ण भाव से द्वार पर पहरा दे रहे थे। तभी शिव जी पहुंचते हैं और अंदर जाने लगते हैं लेकिन वो उन्हें रोकते हैं। बाल गणेश को उस वक्त ये नहीं ज्ञात था कि भगवान शिव उनके पिता हैं। वो अपनी बात पर अड़े रहे और भगवान शिव क्रोधित हो गए।

दोनों में संघर्ष हुआ और भगवान शिव क्रोध इतना बढ़ गया कि उन्होंने बाल गणेश का सिर धड़ से अलग कर दिया। जब माता पावर्ती अपने पुत्र को ढूंढते हुए आईं और उन्हें सच के बारे में पता चला, वो बेहद क्रोधित हुईं। अपने पुत्र को खोकर मां पावर्ती ने काली का रूप धारण किया था।

पावर्ती मां के क्रोध को शांत करने के लिए भगवान शिव और सभी देवगणों ने मिलकर एक हाथी के बच्चे का सिर ढूंढा और उसे बाल गणेश से धड़ से जोड़ा गया। पुत्र को जीवित देखकर मां पावर्ती प्रसन्न हो गई। ये घटना जिस दिन हुई उस दिन भाद्रमास के शुक्ल पक्ष की चुतर्थी थी। इसीलिए इसे गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है।

गणेश चतुर्थी के महत्व (Ganesh Chaturthi Importance) के बारे में बात करें तो हिंदु मान्यता के अनुसार, भगवान गणेश का पूजन करने से जीवन में सुख समृद्धि और ज्ञान अर्जित होता है। कोई भी शुभ काम करने से पहले भगवान गणेश की पूजा करना अनिवार्य माना गया है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता के नाम से भी जाता है। कोविड 19 के दौर में सभी लोग अपने-अपने घरों में गणेश भगवान की स्थापना कर उनसे सभी के मंगल की कामना कर रहे हैं। 11वें दिन यानी अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति का विसर्जन किया जाएगा है।

भगवान गणेश का विसर्जन करने के दौरान लोग बेहद भावुक हो जाते हैं। जैसे दस दिन बाद वो अपने घर से उनको विदा कर रहे हो। इस दौरान सभी ये कामना करते हैं कि अगले बरस बप्पा फिर से उनके घर आएं। इस त्यौहार को पूरे भारत में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। हालांकि इस बार कोरोना वायरस के चलते पाडांल नहीं लगाए गए हैं। साधारण तरह से ये फेस्टिवल मनाया जा रहा है।