14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rudolf Stefan Weigl: Google ने पोलिश अविष्कारक रूडोल्फ स्टीफन वाइगल की 138वीं जयंती पर समर्पित किया खास Doodle

गूगल ने आज पोलिश अविष्कारक रूडोल्फ स्टीफन वाइगल की 138वीं जयंती को मनाते हुए उन्हें एक खास डूडल समर्पित किया है।

2 min read
Google source verification
imgonline-com-ua-resize-bytwvbmtmnh3f.jpg

Rudolf Stefan Weigl Doodle By Google

नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बड़ी टैक कंपनी गूगल (Google) ने आज 2 सितंबर को महान पोलिश आविष्कारक रूडोल्फ स्टीफन वाइगल की 138वीं जयंती मनाते हुए इस मौके पर अपने सर्च इंजन पर उन्हें एक खास डूडल (Doodle) समर्पित किया है।

क्या है इस डूडल में?

गूगल (Google) के इस डूडल (Doodle) में रूडोल्फ स्टीफन वाइगल एक लैब में नज़र आ रहे है। उनके बाए हाथ में फ्लास्क दिखाई दे रहा है। पीछे दीवार पर जूं से संबंधित पोस्टर लगे हैं। इस डूडल में Google के अक्षर भी एक साइंस लैब के उपकरणों की तरह डिज़ाइन किए गए हैं।

यह भी पढ़े - टेक्नोलॉजी ने बदल डाली इंसान की दुनिया, 21 वीं सदी की 8 बड़ी खोज

कौन है रूडोल्फ स्टीफन वाइगल?

रूडोल्फ स्टीफन वाइगल पोलैंड देश के रहने वाले महान बायोलाॅजिस्ट और आविष्कारक थे। उनका जन्म 2 सितम्बर 1883 को ऑस्ट्रो-हंगेरियन शहर प्रेज़ेरो में हुआ था। यह शहर वर्तमान समय में चेक रिपब्लिक में है। रूडोल्फ स्टीफन वाइगल टाइफस महामारी के खिलाफ पहली असरदार वैक्सीन बनाने के लिए जाने जाते है।

अपनी खोज में उन्होंने जूं टाइफस के संक्रमित बैक्टीरिया पर रिसर्च की। इसके लिए उन्होंने छोटे जूं पर शोध किया। इससे पता चला कि कैसे घातक टाइफस बैक्टीरिया को फैलाने के लिए जूं का इस्तेमाल होता है। अपनी रिसर्च के आधार पर कड़ी मेहनत करके 1936 में रूडोल्फ स्टीफन वाइगल ने सफलतापूर्वक इस महामारी के खिलाफ वैक्सीन बनाकर इसका सफल वैक्सीनेशन किया।

11 अगस्त 1957 को 73 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। आज रूडोल्फ स्टीफन वाइगल को एक महान वैज्ञानिक के रूप में याद किया जाता है। उन्हें अपने सराहनीय काम के लिए 2 नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित किया जा चुका है।

यह भी पढ़े - आनुवांशिक विकारों से गर्भस्थ शिशु को बचाते हैं जेनेटिक टेस्ट