4 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विश्व परिवार दिवस स्पेशल: एक ऐसा परिवार जो पिछली 4 पीढ़ियों से रह रहा है एक ही छत के नीचे…

ये परिवार पेश कर रहा है अलग उदाहरण बन चुका है ग्रीन कार्ड एक ही छत के नीचे रहता है पूरा परिवार

2 min read
Google source verification

image

Prakash Chand Joshi

May 15, 2019

haridas parikh

विश्व परिवार दिवस स्पेशल: एक ऐसा परिवार जो पिछली 4 पीढ़ियों से रह रहा है एक ही छत के नीचे...

नई दिल्ली: आज विश्व परिवार दिवस ( International Family Day ) है जो कि हर साल 15 मई के दिन मनाया जाता है। सबसे पहले विश्व परिवार दिवस संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ( America ) के द्व्रारा मनाना शुरु किया गया था। 15 मई 1994 के दिन पहली बार विश्व परिवार दिवस मनाया गया था। आज का दिन बताता है कि परिवार का होना कितना जरूरी है। हालांकि, आज के बदलते दौर में लोग अपने परिवार के साथ रहना ज्यादा पसंद नहीं करते। लोग अपने परिवारों को छोड़कर अलग जीवन जीते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे परिवार के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी पिछली 4 पीढ़ियां एक ही छत के नीचे रह रही है।

राजस्थान ( Rajasthan ) के ठीकरिया कस्बे में 88 साल के व्यवसायी हरिदास पारीख अपने परिवार के साथ रहते हैं। इस परिवार में 33 लोग रहते हैं। इस परिवार में जहा मुखिया के सबसे बड़े बेटे की उम्र 68 साल है तो वहीं पड़पोते की उम्र 10 साल है। इस परिवार के सभी 33 लोग एक ही छत के नीचे रहते हैं और सबसे खास बता कि इन सभी का चूल्हा भी एक ही है। इस परिवार में मुखिया, पांच बेटे-बहू, पोते-पोतियां, पड़पोता-पड़पोती, दोहित-दोहित्रियां, नाती-नातिन रहते हैं। हरिदास ने साल 1966 में राजस्थान बैंक के मैनेजर पद से नौकरी छोड़कर व्यवसाय शुरू किया। यही नहीं 70 के दशक में जिले के कई गांवों में बिजली पहुंचाने और 1986-87 में टीवी और केबल लाइन बिछाने का भी काम किया।

विश्व परिवार दिवस: विश्व में इस दिन मनाया गया था पहली बार, कुछ ऐसे हुई थी शुरुआत

जहां सभी भाई मिलकर एक साथ व्यापार करते हैं, तो वहीं घर की महिलाएँ अपने तय कार्यक्रम के हिसाब से काम करती हैं। हरिदास रोज सुबह 9:30 बजे अपने प्रतिष्ठान पारीख एंड कंपनी के नाम से बनी फर्म पर पहुंच जाते हैं और दिन में आधे घंटे खाना खाने के लिए घर आते हैं। इसके बाद वो रात को 9 बजे घर लौटते हैं। उनके बेटे भी ठीक ऐसा ही करते हैं। इस परिवार की व्यवसाय क्षेत्र में काफी अच्छी पकड़ है और ये परिवार हर महीने समय पर सेलटैक्स भर देता है, जिसके चलते वाणिज्यिक कर विभाग ने इस परिवार को ग्रीन कार्ड दिया है। ऐसे में जहां कई लोग अपने परिवार से अलग रहते हैं, तो वहीं हरिदास पारीख का परिवार एक ही छत के नीचे रहकर परिवार के साथ रहने का मतलब बता रहा है जो कि एक अच्छा उदाहरण है।