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होली पर दामाद को माला पहनाकर गधे पर घुमाया जाता है पूरा गांव, वजह जान आप भी हो जाएंगे हैरान

होली का त्योहार देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। कई इलाकों में तो इस त्योहार को मनाने का तरीका भी इतना अनूठा होता है कि जानकर भी लोग हैरान रह जाते हैं। ऐसा ही एक गांव है जहां नए नवेले दामाद को गधे पर बैठाकर गांव में घुमाया जाता है।

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Dheeraj Sharma

Mar 16, 2022

Holi Celebration 2022 Village People Makes The New Son In Law Ride On Donkey

Holi Celebration 2022 Village People Makes The New Son In Law Ride On Donkey

देशभर में होली को धूम-धाम से मनाया जाता है। होली का ये त्योहार रंगों के साथ-साथ हर्ष और उल्लांस अपने साथ लेकर आता है। होली का त्योहार भगवान कृष्ण और राधा के शाश्वत प्रेम को श्रद्धांजलि के रूप में भी मनाया जाता है। वैसे तो देशभर में इस त्योहार की धूम रहती है, लेकिन बरसाना से लेकर यूपी के कई इलाकों में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिलता है। धुलंडी या रंगवाली होली फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। इस साल 17 मार्च को होलिका दहन और 18 मार्च को धुलंडी का पर्व मनाया जाएगा। बता दें कि होली का ये त्योहार देश के एक इलाके में अनूठे तरीके से मनाया जाता है। इस मौके पर गांव में नए नवेले दामाद को गधे पर बैठाकर घुमाया जाता है।


9 दशकों से चली आ रही परंपरा

महाराष्ट्र का एक जिला ऐसा है जहां होली का त्योहार अनूठे तरीके से मनाया जाता है। इस जिले के एक गांव में एक अजीबोगरीब होली परंपरा है जो 9 दशक यानी 90 वर्षों से ज्यादा समय से चली आ रही है।

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महाराष्ट्र के बीड जिले में गधे की सवारी कराई जाती है। उनके पसंद के कपड़े मिलते हैं। जिले की केज तहसील के विदा गांव में इस रस्म का पालन किया जाता है।


गांव के नए दामाद की पहचान करने में तीन से चार दिन लग जाते हैं। गांव वाले उस पर नजर रखते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह होली के दिन लापता न हो जाए। खास बात यह है कि वह दामाद इस रस्म में शामिल हो, इसलिए उसे कहीं जाने भी नहीं दिया जाता है।

गधे पर बैठाकर घुमाया जाता है

परंपरा की शुरुआत आनंदराव देशमुख नाम के एक निवासी ने की थी, जिसे ग्रामीणों की ओर से बहुत सम्मान दिया जाता था। इसकी शुरुआत आनंदराव के दामाद से हुई थी।

तभी से ये परंपरा चली आ रही है। गधे की सवारी गांव के बीचोंबीच से शुरू होती है और 11 बजे तक हनुमान मंदिर पर समाप्त होती है।

गांव के चुने हुए दामाद को उसकी पसंद के कपड़े दिए जाते हैं। सोशल मीडिया पर होली से पहले यह रस्म काफी वायरल होती है।

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