
invest smartly
हमसे पुरानी पीढ़ी के लोग परम्परागत माध्यमों में निवेश करते आए हैं जैसे फिक्सड डिपॉजिट, पीपीएफ , डाकघर बचत योजना, एलआईसी आदि; इन निवेशों के द्वारा वे अपने जीवन के आर्थिक लक्ष्यों को पूरा कर सके। उदारीकरण के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में व्यापक बदलाव आए हैं जिन्होंने न केवल वित्त बाजार को प्रभावित किया बल्कि हमारी जीवनशैली व आकांक्षाओं को भी प्रभावित किया। बढ़ती मुद्रास्फिति, टैक्स और आकांक्षाओं के चलते नई सदी के युवाओं के लिए पारम्परिक विकल्पों में निवेश करते हुए अपने लक्ष्यों को हासिल करना लगभग मुश्किल हो गया है।
आइए यह समझने की कोशिश करें कि अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हम स्टॉक मार्केट का किस प्रकार इस्तेमाल कर सकते हैं:
डेरिवेटिव्स: भविष्य को देखते हुए डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स में कई विकल्प हैं। हालांकि इन विकल्पों के इस्तेमाल के लिए बेहद सावधानी की जरूरत है।
Published on:
30 Oct 2017 03:22 pm
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