
नई दिल्ली: हैदराबाद ( Hyderabad ) से तड़के सुबह खबर आई कि महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी और फिर हत्या के चारों आरोपियों को पुलिस ने ढेर कर दिया। इसके बाद तो पूरे देश में जश्न मनने लगा। कोई पुलिस वालों की पीठ थपथपाने लगा, तो कोई मिठाईयां बटाने लगा। यहा तक कि लोगों ने पुलिस वालों को अपनी पीठ पर भी उठाया, लेकिन इन सबके बीच नेताओं का एक तबका ऐसा भी है जो इस एनकाउंटर से खुश नहीं है।
ये हैं वो नेता
हैदराबाद में हुए एनकाउंटर पर जहां पूरा देश खुश नजर आ रहा है, तो वहीं कई नेता इसको गलत बता रहे हैं। इस लिस्ट में पहला नाम है कांग्रेस के सीनियर नेता शशि थरूर का। शशि ने ट्वीट करके लिखा 'हमें और जानने की जरूरत है। यदि क्रिमिनल्स के पास हथियार थे तो पुलिस ने अपनी कार्रवाई को सही ठहरा सकती है। जब तक पूरी सच्चाई सामने न आए तब तक हमें निंदा नहीं करनी चाहिए। लेकिन कानून से चलने वाले समाज में इस तरह का गैर-न्यायिक हत्याओं को सही नहीं ठहराया जा सकता।' वहीं बीजेपी की सांसद मेनका गांधी ने इस एनकाउंटर पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा 'जो भी हुआ है, वह इस देश के लिए बहुत भयानक हुआ है। आप लोगों को इसलिए नहीं मार सकते क्योंकि आप ऐसा चाहते हैं। आप कानून अपने हाथ में नहीं ले सकते। उन्हें किसी भी तरह से कानून के जरिए ही सजा दी जानी चाहिए थी।'
ओवैसी भी नहीं हैं समर्थन में
वहीं दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहां कि इस एनकाउंटर को लेकर लोग अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं, लेकिन ये भी चिंता का विषय है कि किस तरह से लोगों का क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम से भरोसा उठ गया है। वहीं एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ( Assaduddin Owaisi ) ने कहा कि यूपी पुलिस को हैदराबाद पुलिस से सीखना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार हर मुठभेड़ की जांच की जानी चाहिए। यही नहीं वामपंथी दल सीपीएम के नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि गैर-न्यायिक हत्याएं महिलाओं के प्रति हमारी चिंता का जवाब नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि बदला कभी न्याय नहीं हो सकता।
Published on:
06 Dec 2019 01:27 pm
बड़ी खबरें
View Allहॉट ऑन वेब
ट्रेंडिंग
