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शहीद ने लाखों का लोन लेकर बनाया था सपनों का घर, एक बार भी देख न सका अपना आशियाना

40 साल के शहीद के. पलानी (Martyr K Palani) तमिलनाडु के रमनपुरम (Ramanpuram) जिले के थिरुवदनाई कस्बे के पास कडुक्कलुर गांव के रहने वाले थे। उन्होंने कुछ दिनों पहले ही अपने सपनो का घर बनवाया था। घर बनवाने के लिए उन्होंने लोन लिया था। पलानी एक साल के भीतर रिटायरमेंट लेकर नए घर में अपने परिवार के साथ रहने की योजना बना रहे थे लेकिन 15 जून को भारत और चीन की सेना की झड़प में चीनी सैनिकों का वीरतापूर्वक सामना करते हुए शहीद हो गए।  

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Vivhav Shukla

Jun 18, 2020

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नई दिल्ली: भारत चीन के बीच ( India China Violent Clash ) पूर्वी लद्दाख वास्तविक नियंत्रण रेखा ( LAC ) पर हुई हिंसक घटना में 20 भारतीय जवान शहीद ( India 20 Soldier Martyred ) हुए हैं। इन 20 जवानों में से एक हैं हवलदार के. पलानी ।

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40 साल के शहीद के. पलानी (Martyr K Palani) तमिलनाडु के रमनपुरम (Ramanpuram) जिले के थिरुवदनाई कस्बे के पास कडुक्कलुर गांव के रहने वाले थे। उन्होंने कुछ दिनों पहले ही अपने सपनो का घर बनवाया था। घर बनवाने के लिए उन्होंने लोन लिया था। पलानी एक साल के भीतर रिटायरमेंट लेकर नए घर में अपने परिवार के साथ रहने की योजना बना रहे थे लेकिन 15 जून को भारत और चीन की सेना की झड़प में चीनी सैनिकों का वीरतापूर्वक सामना करते हुए शहीद हो गए।

शहीद की पत्नी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्होंने 17 लाख रूपये का लोन लेकर अपना घर बनवाया था। उन्होंने अपना घर गांव से 65 किलोमीटर दूर बनवाया था ताकि अपने बच्चों का अच्छे स्कूल में एडमिशन करा सकें।

पत्नी ने बताया 3 जून को पलानी का जन्मदिन था उस दिन वह ड्यूटी पर थे। इसी दिन हमारे नए घर का गृह प्रवेश था लेकिन सीमा पर तनाव के चलते वो नहीं आ सके। उन्होंने गणपति पूजा के मंत्रों के जाप मेरे से बात करते हुए फोन पर सुन रहे थे। वे अपने नए घर को लोकर बहुत खुश थे।

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पत्नी ने बताया कि वे करीब छह महीने पहले आखिरी बार 15 दिन के लिए अपने घर आए थे। इसके बाद से वो से ही वो सीमा पर तैनात थे। शहीद की पत्नी ने रोते होते कहा कि हमारे दो बच्चे हैं जिनमें से एक दस साल के बेटे प्रसन्ना और एक आठ साल की बेटी दिव्या हैं। हमारे देवर भी आर्मी में क्लर्क के पद पर तैनात हैं, उन्होंने ही गलवान घाटी में हुई घटना के बारे में बताया और शहादत की जानकारी दी थी।

बता दें शहीद पलानी अपने सभी भाई बहनों में सबसे बड़े थे। 18 साल की उम्र में आर्मी जॉइन कर ली थी। वे हमेशा से देश सेवा करना चाहते थे।