
मुसलमान क्यों पहनते हैं टोपी, एक बच्ची के सवाल पर मां ने दिया यूं जवाब जिसे सुन स्तब्ध रह जाएंगे आप
नई दिल्ली। हमारे देश में सालों से विवाद का एक विषय बेहद कॉमन रहा है और वह है हिंदू और मुस्लिम। इस मुद्दे पर लोग हमेशा से लड़ते आ रहे हैं और यह दौर शायद अभी भी खत्म नहीं हुआ है।अभी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्ट को काफी सराहा भी जा रहा है।
इस वायरल पोस्ट में एक मां ने अपनी बच्ची के कुछ मासूम से सवालों के जवाब बहुत धैर्य के साथ देते हुए नजर आ रही है।
इस पोस्ट के माध्यम से यह दिखाया गया है कि अगर देश में कुछ लोग धर्म को लेकर लड़ते हैं तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी है जो सभी धर्मों का सम्मान करते हैं और इंसान को धर्म के आधार पर नहीं बल्कि इंसानियत के आधार पर जांचते हैं।
आज इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप भी एक बार सोचने पर जरूर मजबूर हो जाएंगे। इस पोस्ट में एक महिला चरित्र इस बात को कहते हुए नजर आती है जिसमें कि वह कहती है-
'कुछ महीनों पहले मैं दिल्ली में ऊबर पूल से सफर कर रही थी। मैं पहले बैठी थी। मेरे बाद एक महिला अपनी छोटी सी बच्ची के साथ बैठी। करीब एक किलोमीटर के सफर के बाद एक मुस्लिम व्यक्ति आगे ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठ गया। यह मुस्लिम व्यक्ति सफेद रंग की पारंपरिक टोपी पहन रखा था। अपनी मां के पास बैठी छोटी सी बच्ची ने पूछा कि, मां इन अंकल ने शाम को टोपी क्यों पहन रखी है, बाहर तो धूप भी नहीं है?'
कार में रेडियो चल रहा था। वह मुस्लिम व्यक्ति ड्राइवर से बात कर रहा था और मैं अपने फोन में लगी थी, लेकिन बच्ची के इस सवाल से सभी अचानक खामोश हो गए। ड्राइवर ने म्यूजिक प्लेयर की आवाज भी कम कर दी।
मैंने उस दौरान बच्ची को कुछ कहने के बारे में सोचा कि उतनी ही देर में उसकी मां जवाब देने के लिए तैयार थी। उन्होंने कहा, 'क्या तुमने मुझे नहीं देखा जब मैं मंदिर जाती हूं या जब कोई बुजुर्ग हमारे घर पर आते हैं या फिर जब मुझे तुम्हारे दादा-दादी के पांव छूने होते हैं तो मैं दुपट्टे से अपना सिर ढक लेती हूं। यह किसी को सम्मान देने का तरीका होता है, मेरे बच्चे।'
बच्ची को मां के इस जवाब से संतुष्टि नहीं मिली। उसने दूसरा सवाल किया 'लेकिन यह भईया किसे सम्मान दे रहे हैं? यहां तो कोई मंदिर भी नहीं है, वह किसी के पांव भी नहीं छू रहे हैं?'
मां ने फिर से अपनी बच्ची के इस सवाल का बहुत ही खूबसूरत जवाब दिया, 'इनके माता-पिता ने इन्हें यह सिखाया है कि यह जिससे भी मिलें उसका सम्मान करें। ठीक उसी तरह जैसे मैंने तुम्हें अतिथियों को नमस्ते करना सिखाया है।'
फेसबुक पर मां और बच्ची के इस खूबसूरत कथोपकथन को काफी सराहा जा रहा रहा है। अब तक इस पोस्ट को 22,000 से भी ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है।
बता दें, इस पोस्ट को मेघना अथवानी ने लिखा और शेयर किया तब से यह सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। मेघना ही वह महिला है जो इस खूबसूरत बातचीत का हिस्सा रही थीं। मेघना को लगा कि इसे जरूर शेयर किया जाना चाहिए। मेघना का यह भी कहना है कि अगर हम एक-दूसरे के प्रति इतनी अच्छी सोच रखते हैं तो चारों तरह इतनी हिंसा और घृणा क्यों फैली हुई है?
Published on:
28 Jul 2018 02:38 pm
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