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लड़कियों को कम समझने वाले एक बार जरुर पढ़ें यह खबर, शर्म से झुक जाएगी निगाहें

एक मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखने वाली मुमताज को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए काफी जद्दोजहत करनी पड़ी।

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Arijita Sen

Jun 24, 2018

Mumtaz Kazi

लड़कियों को कम समझने वाले एक बार जरुर पढ़ें यह खबर, शर्म से झुक जाएगी निगाहें

नई दिल्ली। हमारा देश आगे बढ़ रहा है। समाज में और लोगों की सोच में तेजी से बदलाव आ रहा है। पुराने दकियानूसी विचारों का दामन छोड़ नई सोच का स्वागत किया जा रहा है, लेकिन इन सबके बावजूद समाज में महिलाओं की स्थिति में आज भी ज्यादा बदलाव नहीं आया है।

लड़कियों को आज भी लड़कों से कम समझा जाता है जबकि लड़कियां हर क्षेत्र में अपना बेहतर प्रदर्शन दे रही हैं। अब आप मुमताज़ काथावाला काज़ी को ही देख लीजिए। भारत की पहली महिला ट्रेन ड्राइवर मुमताज का नाम लिमका बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है।

लगभग 27 साल से मुमताज देश के सबसे व्यस्त रूट पर ट्रेन दौड़ा रही हैं। बता दें, मुंबई सेंट्रल रेलवे पर करीब 700 पुरूष मोटरमैन के बीच मुमताज अकेली मोटरवुमेन है। हालांकि मुमताज के लिए यह सब इतना आसान नहीं था।एक मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखने वाली मुमताज को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए काफी जद्दोजहत करनी पड़ी।

साल 1989 में रेलवे की नौकरी के लिए मुमताज ने आवेदन किया था। मुमताज लिखित परीक्षा और इंटरव्यू दोनों में ही अव्वल आई। हालांकि मुमताज के पिता को यह सब पसंद नहीं था। अल्लारखू इस्माइल काथावाला (मुमताज के पिता) ने इसका जमकर विरोध किया, लेकिन अपनी बेटी की जिद के आगे उन्हें हार माननी पड़ी। कड़ी मेहनत के बाद मुमताज को यह जगह मिली। लगभग 27 सालों से मुमताज अपने इस काम को बड़ी ही बखूबी से संभाल रही है।

मुमताज के पति का नाम मकसूद काज़ी है। इनके दो बच्चे भी हैं। बेटे का नाम तोसीफ और बेटी का फतीन है। मुमताज अपने परिवार के प्रति भी काफी जिम्मेदार है।

सुबह-सुबह उठकर अपने घर के काम-काज निपटाकर, बच्चों और पति के लिए खाना बनाकर मुमताज रोजाना सुबह 6 बजे अपने घर से ड्यूटी के लिए निकल जाती है।

मुमताज न केवल अपने ससुराल का ख्याल रखती है बल्कि अपने पिता के घर का भी पूरा ध्यान रखती है।मुमताज की वजह से ही उसके दोनों भाइयों ने अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और अब वे दोनों विदेश में नौकरी कर रहे हैं।

मुमताज की एक और खासियत है और वह ये कि मुमताज पहली ऐसी ड्राइवर हैं, जो डीज़ल और इलेक्ट्रिक दोनों तरह के इंजन को चलाना जानती हैं। हालांकि पिछले कई सालों से वह इलेक्ट्रिक मोटरवुमेन के तौर पर काम कर रही हैं।

सोने सी चमकती देश की इस होनहार बेटी को पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा नारी शक्ति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
मुमताज जैसी बेटियां उन लोगों के चेहरे पर तमाचा मारती हैं जो आज भी कन्या भू्रण हत्या या बेटियों को बेटों से कम आंकते हैं। मुमताज देश की हर लड़की के लिए एक मिसाल है।