
Nagasaki Day 2020: History Of Nuclear Attack On Nagasaki
नई दिल्ली। नई दिल्ली। अमेरीका (America) ने 9 अगस्त को नागासाकी (Nagasaki) में परमाणु बम (Atom Bomb) गिराया था। इस हमले में हजारों लोग एक ही झटके मारे गए थे और उससे भी ज्यादा उस बम के कारण हुए विकिरणों से आज भी यहां लोग मर रहे हैं। इस घटना को हुए आज 75 साल हो चुके हैं। आज Nagasaki Day पर हम आपको उस दिन की पूरी कहानी बताएगें।
9 अगस्त, 1945 को नागासाकी पर परमाणु बम (Atomic bomb on Nagasaki) गिराया गया था लेकिन सच तो ये है कि अमरीका ने नागासाकी पर परमाणु हमला तय नहीं था। एक रिपोर्ट के मुताबिक अमरीका, जापान के औद्योगिक नगर कोकुरा (Japan's industrial city Kokura) पर बम गिराना चाहता था। ये शहर गोला-बारूद बनाने वाली फैक्टरियाँ से भरा हुआ था। अमरीका यहां बम इस लिए गिराना चाहता था क्यों कि उसे पता था कि यहां बम फटा तो नुकसान ज्यादा होगा।
8 अगस्त, 1945 की रात अमरीका के Bomber B-29 Superfortress बॉक्स परमाणु बम के साथ तैयार था। ये बम 4050 किलो.था जिसका नाम 'फ़ैट मैन' ('Fat man') रखा गया था। 9 अगस्त, सुबह 9:50 पर बी-29 कोकुरा शहर (Kokura City) के उपर मड़राने लगा था।
विमान इस समय शहर से 31,000 फीट की ऊँचाई पर उड़ रहा था। बम गिरने के लिए तैयार था तभी पायलट ने देखा शहर के ऊपर बादलों का डेरा था। बी-29 एक बार फिर शहर का चक्कर लगाया लेकिन शहर पर बादल बने हुए थे। इस दौरान बी-29 का ईंधन तेजी से घटता जा रहा था। विमान में सिर्फ़ इतना ही ईंधन बचा था कि वापस पहुंच सकें।
इसके बाद चालक दल को संदेश मिला की वो कोकुरा की जगह नागासाकी (Nagasaki) में बम गिरा दें। उस वक्त घड़ी में 11 बजकर 2 मिनट हो रहा था। 'फ़ैट मैन' (Fat man) को शहर पर गिरा दिया गया। 52 सेकेण्ड तक गिरते रहने के बाद बम पृथ्वी तल से 500 फ़ुट की उँचाई पर फट गया और आग का एक भीमकाय गोला मशरुम की शक्ल में उठा। बम के फटते ही पूरा शहर एक झटके में राख हो गया। आसमान से होने लगी 'काली बारिश' होने लगी और चारो तरफ लाशों के ढ़ेर लग गए।
हालांकि पहाड़ों से घिरे होने के कारण नागासाकी के केवल 6.7 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में ही तबाही फैल पाई लेकिन इसमें 74 हज़ार लोगों की मौत हो गई।
Published on:
09 Aug 2020 06:20 am
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