
द्वितीय आश्विन शुक्ल प्रतिपदा शनिवार से शारदीय नवरात्रा शुरू होंगे। घर-घर में भगवान की पूजा-आराधना हेतु घटस्थापना की जाएगी एवं सभी भक्तजन अपने-अपने ईष्ट की पूजा अर्चना करेंगे। इस बार मां का आगमन अश्व अर्थात् घोड़े पर होगा। यह भारतवर्ष और देश की जनता के लिए बहुत ही शुभ रहेगा और आने वाले समय में पूरे विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
ये हैं नवरात्रि में घटस्थापना का मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा के अनुसार इस बार घट स्थापना का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त शनिवार (17 अक्टूबर) को सुबह 6.31 बजे से लेकर सुबह 8.47 बजे तक रहेगा। इस समयकाल में घटस्थापना कर देवताओं की पूजा आरंभ की जा सकती है। इसके अतिरिक्त अभिजित मुहूर्त प्रात:काल 11:44 बजे से 12:29 बजे तक रहेगा इसमें भी घटस्थापना की जा सकती है।
इस बार नवरात्रि में बन रहे हैं ये शुभ मुहूर्त
इस बार शारदीय नवरात्रि में चार सर्वार्थसिद्धि योग एवं अन्य कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। ये मुहूर्त इस प्रकार हैं-
नवरात्रि में इन देवताओं की आराधना देती है विशेष फल
यूं तो नवरात्रि में सभी अपने-अपने मनोनुकूल देवताओं की पूजा-अर्चना करते हैं परन्तु इन दिनों विशेष तौर पर मां आद्यशक्ति के विभिन्न रूप यथा दस महाविद्या, नवदुर्गा, गायत्री आदि तथा राम, हनुमानजी, भैरव, कुलदेवता आदि देवताओं की उपासना विशेष रुप से की जाती है। वैष्णव, शैव, शाक्त, तांत्रिक, अघोरी तथा जनसाधारण सभी अपने घर तथा कुल की परंपरानुसार विधि-विधान से देवताओं का आव्हान करते हैं। गुरु से दीक्षा प्राप्त श्रद्धालु अपने गुरुमंत्र का अधिकाधिक जप करने का प्रयास करते हैं।
जानिए नवरात्रि में किस दिन किस देवी की होगी पूजा
17 अक्टूबर - मां शैलपुत्री
18 अक्टूबर - मां ब्रह्मचारिणी पूजा
19 अक्टूबर - मां चंद्रघंटा पूजा
20 अक्टूबर - मां कुष्मांडा पूजा
21 अक्टूबर - मां स्कंदमाता पूजा
22 अक्टूबर - षष्ठी मां कात्यायनी पूजा
23 अक्टूबर - मां कालरात्रि पूजा
24 अक्टूबर - मां महागौरी दुर्गा पूजा
25 अक्टूबर - मां सिद्धिदात्री पूजा
Updated on:
16 Oct 2020 08:57 am
Published on:
16 Oct 2020 08:53 am
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