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नई दिल्ली: आज के दौर में सोशल मीडिया ( social media ) पर हर एक खबर मिल जाती है। मतलब टीवी की जरूरत लगभग खत्म सी हो रही है। लेकिन क्या सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही खबरें पूरी तरह सच है। क्या इन खबरों की सच्चाई सही है कि इन पर आंख बंद करके विश्वास किया जाए? दरअसल, इन दिनों सोशल मीडिया पर मानव मांस परोसने को लेकर एक बड़ा दावा किया जा रहा है।
किया जा रहा है ये बड़ा दावा
दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट में लिखा गया है 'लंबी कानूनी जद्दोजहद के बाद न्यूयॉर्क शहर के स्किन रेस्त्रां को मानव मांस परोसने की इजाज़त मिल गई है।' वायरल पोस्ट में कुछ मानव अंगों की तस्वीरें नजर आ रही हैं। लेख में ये भी कहा गया है कि 'स्किन (SKIN) नाम के रेस्त्रां को मानव भक्षण (Cannibalism) के खिलाफ कानूनों पर राज्य और संघ सरकारों को पेटीशन दिए जाने के बाद लाइसेंस मिला है।
सच क्या है
हमने इस दावे की पड़ताल कि तो पाया कि ये दावा पूरी तरह गलत है, जिसमें न्यूयॉर्क के रेस्टोरेंट में मानव मांस ( Human meat ) परोसने वाली बात कही गई है। दरअसल, ये दावा एक व्यंग्य वेबसाइट की एक पुरानी खबर से उठाया गया है जहां खबर को एक व्यंग्य के रूप में ही लिखा गया था। वायरल पोस्ट में शेयर की गई तस्वीरें भी असली मानव अंगों की नहीं हैं। 2012 में एक वीडियो गेम के प्रमोशन के लिए एक आर्टिस्ट ने इन मानव अंगों जैसी दिखने वाली कलाकृतियों को अपने हाथों से बनाया था। ऐसे में हमने पाया कि ये दावा लोगों को भ्रमित कर रहा है जो कि पूरी तरह गलत है।
Published on:
27 Nov 2019 12:01 pm
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