
Patrika Fact Finder: ‘Boycott China’ t-shirts, caps not made in China
Patrika Fact Finder: पूर्वी लद्दाख में स्थित गलवान घाटी (galwan ghati ) को लेकर भारत और चीन के बीच विवाद जारी है। हाल ही में इसी जगह पर हुए हिंसक संघर्ष में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। इस घटना के बाद पूरे देश में चीन को लेकर आक्रोस है। सोशल मीडिया से लेकर लोग सड़कों पर चीन मं बने सामनाों का बहिष्कार कर रहे हैं। वहीं भारतीय सरकार ने टिकटॉक ( Tik Tok Application ), यूसी ( UC Browser ), शेयरइट ( shareit ) समेत 59 मशहूर चाइनीज ऐप ( Chinese Mobile App ) पर पाबंदी लगा दी है।
लेकिन इन सब के बीच सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरे साझा कि जा रही है। इन तस्वीरों के जरिये दावा किया जा रहा है कि भारत में चीन के बहिष्कार की मांग उठते देख चीनी कंपनियों ने खुद ही ‘Boycott China’ लिखी टोपियां और टी-शर्ट बनाना शुरू कर दिया।
सबसे पहले 4 जून को को ‘Digital Phablet’ नाम की एक वेबसाइट ने लिखा कि भारत में बढ़ती मांग को देख चीन ‘Boycott China’ कैप्स और टी-शर्ट्स का उत्पदान कर रहा है। वेबसाइट ने Boycott China’ लिखी टोपियां की तस्वीरें भी पोस्ट की थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर तमाम लोग इस बात को शेयर करने लगे।
क्या है सच?
Patrika Fact Finder में हमने इस खबर को झूठा पाया। दरअसल, कुछ दिनों पहले 'द फॉक्सी' (The Foxy) नाम की व्यंग्य-वेबसाइट ने इसतरह की बात लिखी थी। लेकिन ये पूरी तरह से व्यंग्य-वेबसाइट है। इस खबर का वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है।
‘द फॉक्सी’ (The Foxy) ने व्यंग्य के तौर पर लिखा था कि भारत में बेचने के लिए चीन ‘Boycott China’ की टी-शर्ट्स और कैप्स का उत्पादन कर रहा है। इसके बाद लोगों को लगा ये सच और फिर लोग इसे शेयर करने लगे। बता दें द फॉक्सी’ ने यह व्यंग्य 1 जून को प्रकाशित किया था।
इसके अलावा खबर चीनी मीडिया हाउस ग्लोबल टाइम्स (Global Times )ने इसे फेक बताया है। ग्लोबल टाइम्स (Global Times ) ने साफ तौर पर कहा है किचीन विरोधी वस्तुओं का एक्सपोर्ट करना चीन में प्रतिबंधित और दंडनीय है।
Published on:
29 Jun 2020 10:27 pm
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