
person made akahada from loan against land
नई दिल्ली। वाराणसी में कुश्ती की के लिए कई अखाड़े हैं लेकिन अखाड़े से ज्यादा यहां पहलवान बनने वाले हैं। जिसकी वजह से खिलाड़ियों को कसरत करने लिए समस्या होती है। बच्चों की इन्हीं समस्या को दूर करने के लिए एक शख्स ने अपना खेत गिरवी रखकरअखाड़ा बनवा दिया है। इस शख्स का नाम है सूबेदार यादव।
2 बीघे खेत रखा गिरवी
मिली जानकारी के मुताबिक मामला वाराणसी के सेवापुरी ब्लॉक के अदमापुर है। यहां के रहने वाले सूबेदार यादव ने गांव में कुश्ती के खिलाड़ियों की समस्या को हल करने के लिए अखाड़े का निर्माण कराया है। उन्होंने ये अखाड़ा अपने 2 बीघे खेत को गिरवी रख कर बनवाया है।
40 से अधिक खिलाड़ी कुश्ती के दांव-पेच सीखते हैं
सूबेदार का कहना है कि खेत तो बाद में भी खरीद सकते हैं लेकिन बच्चों का समय वापस नहीं आ सकता है। बच्चे इस अखाड़े में रियाज करके गांव सहित देश का नाम रोशन करगें ये मेरे लिए सबसे ज्यादा गर्व की बात होगी। सूबेदार के बनाए अखाड़े में रोजाना 40 से अधिक खिलाड़ी कुश्ती के दांव-पेच सीखते हैं साथ ही आसपास के लोग व्यायाम करने आते हैं।
उधार लेने पड़े पैसे
मीडिया से बात करते हुए सूबेदार ने बताया वे अपने गुरू शक्तेषगढ़ में स्वामी अड़गड़ानंद से बहुत प्रेरित हैं। उन्होंने ये अखाड़ा उनके अखाड़े को देख कर ही बनवाया है। उन्होंने बताया मेरे पास पैसे नहीं थे तो मैंने अपना खेत गिरवी रखा और कुछ पैसा लोगों से उधार मांगा। तब जाकर ये अखाड़ा बन सका है।
अखाड़े से निकलते हैं स्टेट लेवल के प्लेयर
सूबेदार के अखाड़े में कुश्ती करने आते स्टेट लेवल खिलाड़ी अभय राय ने बताते हैं कि गांव में अखाड़े के ना होने की वजह से बच्चे कुश्ती नहीं सिख पाते थे। लेकिन अब गांव के बच्चे स्टेट तक खेल रहे हैं और आगे इंटरनेशनल खेलने की प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुबेदार ने अखाड़े की चहारदीवारी और सुंदरीकरण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भी लिखा है। हालांकि अभी इसका कोई जवाब नहीं आया है।
Published on:
20 Oct 2020 05:13 pm

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