पुलिस क्लीनिक कर रही सराहनीय काम, टूट रहे घरों को दे रही हैं खुशियां'

पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम में खास तरह का क्लीनिक बनाया गया है जो रिश्तों को टूटने से बचाने का प्रयास कर रहा है। इस क्लीनिक में अब तक 8 महीने में 471 परिवारों के रिश्ते टूटने से बचाए है।

By: Pratibha Tripathi

Published: 23 Mar 2021, 08:22 PM IST

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा लागू किया गया पुलिस कमिश्नर सिस्टम अब एक नया रूप ले रहा है। इसका जीता जागता उदाहरण गौतमबुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम में देखा गया है। यहां पर महिलाओं की सुरक्षा के जो खास इंतजाम किए गए हैं, जिसे देख महिलाओं में उम्मीद की एक नई किरण जागी है। इस क्लीनिक में डॉक्टर के रूप में पुलिस वाले लोगों के लिए एक मसीहा बनकर उभर रहे हैं।

ये लोग उन मरीजों का इलाज कर रहे हैं जो अपने रिश्तों को बिगाड़कर खुशहाल जिंदगी को बर्बाद कर रहे हैं। इस क्लीनिक में ऐसे पति-पत्नी का जोड़ा आता है जो तलाक लेकर एक दूसरे के साथ दूर रहना चाहते हैं।

पुलिस का फैमली डिस्प्यूट रिजोल्यूशन क्लीनिक इन दिनों रिश्तों में आ रही दरार को दूरकर प्यार और विश्वास का रंग भरने की कोशिश कर रहा है। यहां पर पति-पत्नी को बुलाकर काउंसलिंग की जाती है और फिर एक दूसरे की गलतफहमियां दूर करके विश्वास पैदा किया जाता है। और जब ये जोड़े फिर से एक हो जाते हैं तो पुलिस वाले मिलकर परिवार के एक होने की खुशी में केक और मिठाइयां खिलाते हैं।

डीसीपी वीमेन सेल वृंदा शुक्ला ने बताया कि इस क्लीनिक के माध्यम से गौतमबुद्ध नगर पुलिस अब घरों को टूटने से बचाने का काम कर रही है। यह क्लीनिक शानदार काम कर रहा है और इसी तरह से काम करते हुए वो लगातार नई मिसाल कायम कर रहा है। इस क्लीनिक में अब तक 8 महीने में 471 परिवारों के रिश्ते टूटने से बचाए हैं। अब इन आकंड़ों में काफी गिरावट आ रही है।

उन्होंने आगे कहा कि ये मामले ज्यादातर दहेज और पारिवारिक विवाद के होते थे। छोटी-छोटी गलतफहमियां परिवारों को बिखेर देती हैं। इसके चलते पति-पत्नी के बीच दूरियां बढ़ने लगती थीं। अब हमारा "फैमिली डिस्प्यूट रिजोल्यूशन क्लीनिक" रिश्तों को कायम कर रहा है और उन्हें टूटने से बचा रहा है।

बता दें कि फैमिली डिस्प्यूट रिजोल्यूशन क्लीनिक पुलिस उपायुक्त महिला एवं बाल सुरक्षा वृंदा शुक्ला की निगरानी में काम कर रहा है। गौतमबुद्ध नगर में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद महिला सुरक्षा के लिए अलग वर्टिकल खड़ा किया गया है। इस क्लीनिक में पुलिस अफसरों के अलावा मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक, डॉक्टर और समाजशास्त्री शामिल हैं। जो लोगों के एक नई राह देकर जिंदगी बना रहे हैं।

Pratibha Tripathi
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