
राजीव गांधी पुण्यतिथि: मौत से पहले राजीव गांधी ने लिया था इस महिला का नाम
नई दिल्ली। 21 मई 1991 के दिन भारत के पूर्व प्रधानमंत्री ( Rajiv Gandhi ) की हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या के पीछे आतंकी संगठन लिट्टे ( Liberation Tigers of Tamil Eelam ) का हाथ था। आज ही एक दिन देश ने अपने पूर्व प्रधानमंत्री को समय से पहले ही खो दिया था। आज उनकी 28वीं पुण्यतिथि पर जानते हैं की आखिर राजीव गांधी की हत्या की साज़िश को कब, कैसे, कहां और किसने अंजाम दिया था।
1- 21 मई 1991 के दिन कद में छोटी 30 साल की महिला राजीव गांधी की तरफ एक चंदन की माला लेकर बढ़ती है। हाथ में माला लेकर और चेहरे पर मुस्कान लिए वो राजीव गांधी के पैरों को छूने के लिए झुकती है तभी एक ज़ोरदार बम धमाका होता है। इस बम धमाके में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी सहित 15 लोगों की मौत हो जाती है।
2- वहां मौजूद पत्रकारों का कहना है कि उस वक्त वहां 'इंदिरा गांधी जीएं, राजीव गांधी जीएं' गीत गूंज रहा था। लेकिन पल भर में हर तरफ अफरा-तफरी मच गई थी। बम धमाके से उठे धुएं के छटने के बाद राजीव गांधी की तलाश शुरू हुई। राजीव गांधी का शरीर पीठ के बल ज़मीन पर पड़ा था जब उसे पलटा गया तो मालूम हुआ कि उनका सिर धमाके में पूरी तरह से फट चुका था। पत्रकार कहते हैं कि उनके शरीर को गूची की धड़ी से पहचाना गया था।
3- एक वरिष्ठ पत्रकार के अनुसार, जब सोनिया गांधी को बम धमाके के बारे में पता चला तो उनका सबसे पहला सवाल था 'क्या राजीव ज़िंदा हैं?' इस सवाल का जवाब राजीव गांधी के सचिव नहीं दे पाए। राजीव गांधी की मौत पर पूछे उस सवाल का जवाब न मिलने पर सोनिया गांधी बेसुध हो गईं।
4- राजीव गांधी की हत्या के जुर्म में 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया। एक मुख्य अभियुक्त ने गिरफ्तारी के दौरान साइनाइड खाकर जान दे दी थी। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राजीव गांधी की जुबान पर जो आखिरी नाम आया था वह पत्रकार नीना गोपाल का था। नीना गोपाल उस समय गल्फ न्यूज की रिपोर्टर थीं। राजीव गांधी ने उन्हें बुलाने के लिए किसी को भेजा ही था कि तभी धमाका हो गया।
Updated on:
20 May 2019 04:13 pm
Published on:
21 May 2019 07:00 am
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