
नई दिल्ली। अफ़्रीक़ी मूल के अमेरीकी नागरिक जॉर्ज फ़्लॉयड (George Floyd Death) की हत्या के बाद अमेरिका (America) धू धू करके जल रहा है। हत्या के बाद से ही अमेरिका में लोग सड़कों पर जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसमें कई डरावने वीडियो सामने आ चुके हैं।
इतना ही नहीं हिंसा और विरोध प्रदर्शनों (Protest) में कई लोग मारे जा चुके हैं और हज़ारों लोग घायल हो चुके हैं। इन सब के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) पर लगातार नस्लभेद (Racism) के आरोप लगाए जा रहे हैं।
माइक्रोब्लागिंग साइट ट्विटर (Twitter) पर Racist टाइप करते ही सुझावों में ट्रंप का नाम सबसे ऊपर आ रहा है। लोगों का मानना है कि Twitter ने जानबूझ कर ऐसा किया है। हालांकि ट्विटर ने खुद इस बात कोई प्रतिक्रिया नहीं दिया है।
वेबसाइट सर्च इंजन लैंड के संपादक ग्रेग स्टर्लिंग के मुताबिक कई लोगों ने डोनाल्ड ट्रंप को जवाब देने के लिए 'racist' या 'racism' शब्दों का उपयोग किया है। जिसकी वजह से ऐसा हो रहा है।
ग्रेग ने बताया कि ट्विटर पर ट्वीट की रैकिंग कई मायनों पर निर्भर करती है. जैसे कोई ट्वीट हाल ही में किया गया हो, ट्वीट में यूजर्स का इंगेजमेंट या ट्वीट में तस्वीर या वीडियो होना। लेकिन सर्मथकों का कहना है कि ट्विटर ने ट्रंप को नीचा दिखाने के लिए ये किया है।
बता दें कुछ दिन पहले ही ट्विटर ने ट्रंप के एक ट्वीट पर वार्निंग लेबल लगाया था साथ ही कमेंट बॉक्स और रिट्वीट ऑप्शन भी बंद कर दिया था। इससे पहले ट्रंप के एक ट्वीट पर ट्विटर ने फैक्ट चेक वार्निंग लगाई भी थी।
Published on:
04 Jun 2020 08:56 pm
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