
बौद्ध भिक्षु ने आॅफिस में ही बना रखा था बेडरूम, बच्चों की आपबीती सुनकर घरवालों के उड़ गए होश
नई दिल्ली: बोधगया में बाल बौद्ध भिक्षुओं के यौन उत्पीड़न करने के आरोपी भिक्षु को गुरुवार को गया कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे पॉक्सो एक्ट के तहत जेल भेज दिया गया। आरोप है कि गौतम बुद्ध की ज्ञानस्थली बोधगया में बुद्धिस्ट शिक्षा देने के नाम पर संस्था का संचालक बौद्ध भिक्षु संजोय बाल भिक्षुओं के साथ अप्राकृतिक यौनाचार करता था। मामले में संजोय को बुधवार को गिरफ्तार किया गया था। बता दें, यौन उत्पीड़न के शिकार हुए बाल बौद्ध भिक्षुओं ने आपबीती सुनाते हुए कुछ ऐसी बातें बताई, जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे।
बिना कपड़ों के रहता था भिक्षु, ये बातें बताते ही निकल पड़े बच्चों के आंसू
दरअसल, बच्चों के घरवालों ने जब उनसे पूछताछ की तो बच्चों के आंखू निकल पड़े। बच्चों ने बताया कि मेडिटेशन सेंटर में रहने के दौरान उन्हें कपड़े उतरवाकर डांस करवाया जाता है। इस दौरान संस्था का संचालक संघप्रिय भी बिना कपड़ों के ही रहता था। बच्चों के मुताबिक, अगर वहां मौजूद कोई भी बच्चा संघप्रिय से ऐसा करने को मना करता या विरोध करता था तो उसको बुरी तरह पीटा जाता था। यही नहीं खाना और पानी भी देना बंद कर देते थे। उन्हें कोलकाता भी भेजा जाता था, जहां उनके साथ पढ़ाई के नाम पर कई बार गलत काम भी होता था।
घरवालों के उड़े होश
बच्चों की ये बातें सुनकर घरवालों के होश उड़ गए। उन्हें समझ आ गया था कि उनके बच्चों के साथ कितना गलत हो रहा था। इसके बाद सभी विष्णुपद थाने पहुंचे और संस्था के संचालक संघप्रिय के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया।
आॅफिस में ही बना रखा है बेडरूम, नहीं लगा कैमरा
बता दें, प्रज्ञा ज्योति बुद्धिस्ट नोविस स्कूल एंड मेडिटेशन सेंटर में असम के बच्चे रहते हैं। इनकी उम्र 6 से 13 साल के बीच है। खबरों के मुताबिक, यह सेंटर दो मंजिला है और दोनों ही मंजिलों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन संघप्रिय के ऑफिस में कोई भी कैमरा नहीं मिला। संघप्रिय ने अपने ऑफिस को ही बेडरूम बना रखा था। यहीं वह बच्चों के साथ गलत काम करता था।
Published on:
31 Aug 2018 11:36 am
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