
नई दिल्ली। देश में बढ़ रही जनसंख्या की रोकथाम के लिये जहां सरकार ने एक से बढ़कर एक सुविधाए उपलब्ध कराई है अब आपको जानवरों की नसंबदी को लेकर भी योजनाए देखने को मिलेगी। जीं हा अब बिल्लियों का बर्थ कंट्रोल के लिए बीएमसीने नसबंदी का फैसला किया है। जो जनवरी महीने से बिल्लियों के नसबंदी का अभियान शुरू होने वाला है। इस परियोजना के लिए 4 संस्थाओं को चुना गया है। मुंबई में आवारा कुत्तों के बाद अब बिल्लियों की नसबंदी करने का फैसला बीएमसी ने किया है। इससे पहले आवारा कुत्तो से आम जनता को होनेवाली परेशानी ध्यान में रखकर बीएमसी ने आवारा कुत्तो के बर्थ कंट्रोल के लिए नसबंदी योजना चलाई। बता दे कि पिछले 6 साल में मुंबई में 89 हजार आवारा कुत्तों की नसंबदी की गई।
कुत्तो के साथ आवारा बिल्लियों की बढती संख्या को देखते हुए बीएमसी के स्वास्थ विभाग ने नसबंदी का फैसला किया है। देखा जाता है कि एक बिल्ली साल मे 2 से 3 बार एक बार में 4 से 5 पिल्लों को जन्म देती है। उनके खाने-पीने का ध्यान रखने वाला कोई नही होने के कारँ वो यहां से वहा फिरते हुए नजर आते है। ऐसे में मुंबई में बिल्लियों की संख्या को कंट्रोल करने का फैसला किया है।
बिल्लियों की नसबंदी के लिए बीएमसी ने 1 करोड का फंड भी मंजूर किया है। एक नर बिल्ली के नसंबदी के लिए 800 रुपए तो एक मादा बिल्ली के नसंबदी के लिए 1000 रुपए खर्च होगा। मुंबई की चार संस्थाए इस योजना के लिए चुनी गई है। रेल का मुंबई वेटरनरी कॉलेज, गोवंडी का डिफेन्स ऑफ एनिमल्स, मालाड में युनिवर्सल ऐनिमल वेल्फेअर, गोरेगाव का ऍनिमल केअर एन्ड रिसर्च सेंटर। मुंबई के चार संस्था में बिल्लीयोंपर नसबंदी होगी।
Updated on:
12 Dec 2019 04:27 pm
Published on:
12 Dec 2019 04:26 pm
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