
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही दादी-पोती की तस्वीर का पूरा सच, दोनों ने किया ये चौंकाने वाला खुलासा
नई दिल्ली। सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर इन दिनों एक तस्वीर काफी तेज़ी से वायरल हो रही है। तस्वीर में एक बच्ची दिख रही थी, जिसने स्कूल की वर्दी पहन रखी थी। वह बच्ची एक बूढ़ी औरत से लिपट कर ज़ोर-ज़ोर से रो रही थी। इतना ही नहीं वो बूढ़ी महिला भी उस बच्ची से लिपटी हुई रो रही थी। फोटो को देखकर तो बस इतना ही पता चल पाया। लेकिन उस फोटो के साथ एक छोटी-सी कहानी भी लिखी थी। उस कहानी के मुताबिक तस्वीर में दिखने वाली बच्ची जिस स्कूल में पढ़ती थी, उस स्कूल ने बच्चों के लिए एक ट्रिप का आयोजन किया था।
स्कूल, बच्चों को ट्रिप के दौरान एक वृद्धाश्रम लेकर गया था। जहां एक बच्ची को उसकी दादी मिल गई। वृद्धाश्रम में दादी को देखते ही बच्ची उनके सीने से लिपटकर रोने लगी। तो वहीं गैर के आंगन में अपनी पोती को देख बुज़ुर्ग महिला की आंखों से आंसुओं की धाराएं बहने लगीं। वायरल पोस्ट के मुताबिक बच्ची अकसर अपने माता-पिता से दादी के बारे में पूछती थी। बेटी के इस सवाल पर पत्थर दिल माता-पिता उसे ये बात कह कर शांत करा देते थे कि उसकी दादी अपने किसी रिश्तेदार के पास गई हुई हैं।
अब इस वायरल तस्वीर का सच सामने आ गया है। दरअसल वो तस्वीर गुजरात की है, जो करीब 11 साल पुरानी है। अहमदाबाद के घोड़ासर में स्थित वृद्धाश्रम में ली गई दादी-पोती की तस्वीर साल 2007 की है। बुज़ुर्ग महिला का नाम दमयंती है तो वहीं तस्वीर में दिखने वाली बच्ची का नाम भक्ति है। बता दें कि भक्ति अब बड़ी हो चुकी हैं। एक हिंदी समाचार वेबसाइट की मानें तो उनके रिपोर्टर ने उस कैमरामैन से मुलाकात की थी। जिन्होंने अपने कैमरे में दादी-पोती की तस्वीर कैद की थी।
रिपोर्टर ने भक्ति और दमयंती बेन से भी मुलाकात की। भक्ति ने बताया कि, '' लोग दादी को घर ले जाने की बातें कर रहे हैं। लेकिन अब उन्हें घर ले जाने का मतलब नहीं है क्योंकि उन्हें वृद्धाश्रम में ही रहना अच्छा लगता है। यहां उनका एक खास परिवार बन गया है। वो यहां खुश हैं और हम हर रोज़ बात भी करते हैं। दादी मम्मी-पापा से मिलने के लिए घर भी जाती हैं। लोग मेरे पापा के बारे में ग़लत बातें कर रहे हैं। लेकिन ऐसा नहीं है, यदि ऐसा होता तो मैं उनसे रिश्ता नहीं रखतीं।''
दमयंती बेन ने बताया कि रिपोर्टर से बातचीत करते हुए कहा कि, ''मैं अपनी मर्ज़ी से यहां रह रही हूं, हमारे बीच कोई नफ़रत नहीं थी। ऐसा नहीं था कि मुझे घर से निकाल दिया गया था। मैं शांति से रहना चाहती थी, इसलिए यहां आ गई।''
Published on:
23 Aug 2018 10:31 am
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