जानें किसके कहने पर इस वैज्ञानिक ने तैयार किया था खतरनाक 'कोरोना वायरस', बनाने में लगा 10 साल का समय

  • चीन की वेबसाइट ने किया ये बड़ा खुलासा
  • पी4 लैब में तैयार हुआ था कोरोना वायरस

By: Prakash Chand Joshi

Published: 05 Feb 2020, 02:33 PM IST

नई दिल्ली: मौजूदा समय में पूरी दुनिया कोरोना वायरस ( Cornonavirus ) से डरी हुई है। चीन से शुरू हुए इस वायरस ने पूरे विश्व में अपने पांव पसार दिए हैं। चीन में अब तक 20,438 लोगों को ये वायरस अपनी चपेट में ले चुका है। वहीं भारत भी इससे अछूता नहीं रहा है। यहां भी कई ऐसे मरीज पाए गए हैं, जो इस वायरस का शिकार हैं। लेकिन आप जानते हैं कि ये वायरस आया कहां से? चलिए आपको इसको लेकर हुए एक बड़े खुलासे के बारे में बताते हैं।

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यहां से आया कोरोना वायरस

दरअसल, चीन ( China ) की एक वेब साइट ने एक बड़ा खुलासा किया। चीन की जीन्यूज वेब साइट के मुताबिक, ये वायरस किसी मार्केट से नहीं बल्कि पी4 लैब से आया था। चीन के वुहान शहर में ये लैब स्थित है। वुहान शहर से ही कोरोना वायरस की शुरुआत हुई थी। अकेल चीन में अब तक लगभग 425 लोगों की मौत हो गई है। वेबसाइट की मानें तो इस वायरस के पीछे वैज्ञानिक डेयिन ग्यो का हाथ है। इसी वैज्ञानिक ने ये वायरस बनाया है। साइट के मुताबिक, चीन के उप-राष्ट्रपति वांग किशान ने इस वायरस अटैक का आदेश दिया था। इस खबर के सामने के बाद से चीन की सरकार और कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना इसके लिए अमेरिका पर आरोप लगा रही है। पार्टी का आरोप है कि कोरोना वायरस को अमेरिका ने तैयार किया है। वेबसाइट के मुताबिक, चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी ने ये माना है कि ये वायरस किसी मार्केट से नहीं आया है। यही नहीं चीन ने ये भी माना है कि ये बायोलॉजिकल वैपंस प्रोग्राम का हिस्सा था। वेबसाइट के मुताबिक, कोरोना वायरस का पहना मामला भी वुहान शहर से ही सामने आया था। वहीं कुछ समय पहले चीन के उप राष्ट्रपति ने वुहान का सीक्रेट दौरा भी किया था।

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10 साल का लगा समय

पी4 लैब वुहान की सी-फूड मार्केट से लगभग 20 मील की दूरी पर स्थित है। यही नहीं वेबसाइट ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी ने इतना तक मान लिया है कि ये कोरोना वायरस गलती से लीक हो गया था। लिहाजा ने इसको पार्टी ने मानवीय भूल बताने की कोशिश की है। हालांकि, इसको लेकर अब तक चीन की सरकार या कम्यूनिस्ट पार्टी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। वेबसाइट में ये भी बताया गया कि इस कोरोना वायरस को बनाने में 10 साल का समय लगा था। इसका मकसद सार्स जैसी बीमारियों पर काबू पाने के लिए इलाज खोजना था।

Prakash Chand Joshi
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