
इंडोनेशिया विमान हादसाः काल के गाल में समा गए 189 लोग, लेकिन एेसे बच गया ये शख्स
नई दिल्ली: इंडोनेशिया के जकार्ता से पांकल पिनांग शहर जा रहा एक यात्री विमान सोमवार सुबह उड़ान भरने के 13 मिनट बाद समुद्र में क्रैश हो गया। जांच और बचाव दल ने विमान भी में सवार सभी 189 लोगों के मारे जाने की आशंका जताई है। इनमें तीन बच्चों समेत 181 यात्री, दो पायलट और छह अन्य क्रू मेंबर्स हैं। इसके अलावा भी एक यात्री था, जिसने मौत को मात दे दी। ये वो यात्री है जिसे जकार्ता के ट्रैफिक ने मौत के मुंह में जाने से बचा लिया।
जाम की वजह से छूट गई फ्लाइट
सोनी सेतियावान, जो इंडोनेशिया के वित्त मंत्रालय में अधिकारी हैं। वह अपने सहयोगियों के साथ JT610 विमान से यात्रा करने वाले थे। लेकिन वह जकार्ता के जिस रास्ते से एयरपोर्ट जा रहे थे उस रास्ते पर भीषण जाम लगा था। सेतियावान इसी जाम में फंसे रह गए और उनकी फ्लाइट छूट गई।
तीन की जगह छह बजे पहुंचे एयरपोर्ट
सेतियावान ने कहा, ''मैं और दोस्त अक्सर इसी विमान JT610 पर यात्रा करते थे। मैं आमतौर पर सुबह तीन बजे ही जकार्ता पहुंच जाता था, लेकिन सोमवार की सुबह मुझे एयरपोर्ट पहुंचते-पहुंचते 6:20 मिनट हो गए और मेरी प्लाइट छूट गई। मुझे नहीं पता था कि टोल रोड पर इतना भीषण जाम होगा।''
विमान के क्रैश होने की खबर सुनते ही निकल पड़े आंसू
उन्होंने कहा, ''जैसे ही मैंने विमान के क्रैश होने की खबर सुनी मैं रोने लगा। मेरे दोस्त फ्लाइट में थे। मेरा परिवार ये खबर सुनते ही हैरान रह गया, मेरी मां रोने लगी। लेकिन उन्हें फोन कर अपनी सलामती की खबर दी।''
विमान को उड़ा रहे थे भारत के भव्य सुनेजा
बता दें, विमान संपर्क टूटने वाली जगह से करीब दो नॉटिकल मील (3.7 किलोमीटर) दूर कारावांग की खाड़ी में क्रैश हुआ। विमान में इंडोनेशिया के वित्त मंत्रालय के 20 अधिकारी भी सवार थे। इस प्लेन के दो पायलटों में से एक भारत के कैप्टन भव्य सुनेजा थे।
Published on:
29 Oct 2018 06:43 pm
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