
नई दिल्ली। 'बूचर ऑफ बांग्लादेश' यानी 'बांग्लादेश का कसाई' (Butcher of bangladesh) ये खिताब मिला है टिक्का खान (Tikka Khan) को । टिक्का पाकिस्तानी सेना का 4-स्टार जनरल था और पाकिस्तान का पहला थल सेनाध्यक्ष भी। इस ख़ूँख़ार जनरल ने एक ही रात में सात हजार लोगों का कत्ल करवा दिया था। आईये जानते हैं इसके बारे में कुछ अनसुनी बातें।
रावलपिंडी में जन्मा था टिक्का
टिक्का खान का जन्म साल 1915 में रावलपिंडी के पास ही एक गांव में हुआ था। उस वक्त रावलपिंडी अविभाजित भारत का हिस्सा था। टिक्का पहले भारतीय सेना में कैप्टन था लेकिन देश के बटवारे के वक्त वे पाकिस्तान चला गया और वहां की सेना में मेजर बन गया।
साल 1965 में भारत-पाक लड़ाई में भी टिक्का ने अहम रोल निभाया था। फिर साल 1969 में जब पूर्वी पाकिस्तान के लोगों ने इसे अलग देश बनाने की मांग करने लगे। इस वक्त वहां के राष्ट्रपति याह्या खान थे। अलग देश की मांग से याह्या बहुत परेशान थे उन्होंने टिक्का खान को पूरी छूट के साथ पूर्वी पाकिस्तान यानी आज का बांग्लादेश भेज दिया।
एक रात में 7000 लोगों का कत्ल करवा दिया
जनरल टिक्का खान बगावत को कंट्रोल करने ढाका गया और यहां उसने 'ऑपरेशन सर्चलाइट' चलाया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, उसके ढाका में एक रात में 7000 लोगों का कत्ल करवा दिया और उसने अपने सैनिकों को बंगाली महिलाओं चाहे वह हिंदू हो या मुस्लिम हो उनका बेरहमी से बलात्कार करने का आदेश दे दिया ।
नया नाम मिला 'बांग्लादेश का कसाई'
बांग्लादेश के इस नरसंहार पर लिखी गई रॉबर्ट पेन की किताब के अनुसार साल 1971 के महज नौ महीनों में बांग्लादेश में करीब दो लाख औरतों और लड़कियों के साथ दुष्कर्म हुआ था। इसी घटना के बाद टाइम मैगजीन ने टिक्का खान को 'बांग्लादेश का कसाई' बताया था।
बना पाकिस्तान का पहला थल सेनाध्यक्ष
इस घटना के 3 साल बाद पाकिस्तान सरकार ने उसे थल सेनाध्यक्ष बना दिया था। साल 2020 में टिक्का ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था लेकिन आज भी बांग्लादेश में बुजुर्ग लोग उसकी हैवानियत को याद करके सिहर जाते हैं ।
Published on:
10 Apr 2020 10:16 pm
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