
मर्दानगी बढ़ाने वाली आयुर्वेदिक दवाइयों में मिली ये एेसी चीज, सुनकर उड़ जाएंगे होश
नई दिल्ली: फूड ऐंड ड्रग ऐडमिनिस्ट्रेशन ने बीते दिनों औरंगाबाद की एक यूनानी मेडिसिन एजेंसी में छापा मारकर यौन आकर्षण और मर्दानगी बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाली 2 आयुर्वेदिक दवाइयों के स्टॉक को जब्त किया था। FDA के क्वॉलिटी टेस्ट में पाया गया कि वायग्रा और अनीस्थेटिक दवा का इस्तेमाल किया गया है। आयुर्वेदिक दवाओं में वायग्रा होने की बात का पता चलने के बाद FDA की टीम हैरान रह गई। पूरे महाराष्ट्र में सर्क्युलर जारी कर स्वास्थ्य अधिकारियों से इन दोनों दवाइयों का जितना भी स्टॉक दवाई की दुकानों पर मौजूद है उसे जब्त करने के लिए कहा है।
आयुर्वेदिक दवाइयों में कहीं नहीं वायग्रा का जिक्र
खबरों के मुताबिक, दवाईयों का यह स्टॉक उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से आया था। पावर अप नाम की हर एक कैप्सूल में 49.45 मिलीग्राम वायग्रा था, जबकि टाइगर किंग क्रीम में अथीस्थेटिक ड्रग लिग्नोकाइन हाइड्रोक्लोराइड पाया गया। जबकि, इन दोनों आयुर्वेदिक दवाइयों में कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं किया गया है कि इसमें वायग्रा और अनीस्थेटिक ड्रग लिग्नोकाइन हाइड्रोक्लोराइड मिला हुआ है।
एेसी दवाइयां खाने से हो सकती है बड़ी समस्या
वायग्रा और अनीस्थेटिक ड्रग लिग्नोकाइन हाइड्रोक्लोराइड मिली इन दवाओं को खाने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जानकारों की मानें तो पिछले कई सालों से यह सिलसिला बिना किसी रोक टोक के यूं ही जारी है। आयुर्वेद चिकित्सक आयुर्वेदिक दवाइयां देने के नाम पर लोगों से ढेर सारा पैसा वसूलते हैं।
जानलेवा साबित हो सकती है दवाइयां
बता दें, वायग्रा को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या होने पर दिया जाता है। वहीं, अगर वह व्यक्ति कोई दूसरी दवाइयां खा रहा हो तो वायग्रा उसके साथ रिऐक्ट कर उस व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर नहीं है कोई कानूनी प्रक्रिया
फूड ऐंड ड्रग ऐडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारियों के मुताबिक, आयुर्वेदिक दवाइयों के निर्माण के लिए लाइसेंस की जरूरत होती है। हालांकि, इसकी सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है।
Published on:
01 Aug 2018 11:44 am
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