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खाना मांगने के लिए इस शख्स के घर के बाहर चली आती हैं हजारों मछलियां, दूसरों के हाथ से नहीं खाती खाना

वियतनाम में एक शख्स हजारों जंगली मछलियों को खाना खिलाने के कारण प्रसिद्ध हो गया है। उसे मछलियों को खाना खिलाते देखने के लिए स्थानिया लोगों के साथ-साथ टूरिस्ट भी आते हैं। वह दो सालों से इन्हें चारा खिला रहे हैं। इन मछलियों में हिंसक प्रवृति की भी मछलियां होती हैं।
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Archana Keshri

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Updated: 3 Dec 2022, 12:19 PM IST

Vietnamese Man taking care of thousands of wild river fish, who visit his house every day for food

Vietnamese Man taking care of thousands of wild river fish, who visit his house every day for food

आपने ऐसे बहुत से लोगों को देखा होगा जो सड़कों पर रात बीताने वाले कुत्ते और बिल्लियों की देखभाल करते हैं। उन्हें हर रोज खाना खिलाते हैं, और जब वो लोग उनके पास से गुजरते हैं तो उनके पीछे-पीछे वो जानवर भी दुम हिलाते हुए अपना प्यार जताते नजर आते हैं। सिर्फ कुत्ते-बिल्ली ही नहीं लगभग सभी जानवरों की प्रवृत्ति इसी प्रकार की होती है। ऐसे ही एक वियतनामी व्यक्ति नदी की हजारों जंगली मछलियों की देखभाल करने के लिए प्रसिद्ध हो गया है, जो हर दिन खाना मांगने के लिए उसके घर आ जाती हैं।

टूरिस्ट के लिए आकर्षण का केंद्र बनी ये मछलियां
वियतनाम के एन जिआंग एक 52 साल के व्यक्ति रहते हैं जिनका नाम मुओई फुक है। इन दिनों वो अपने इलाके में ही नहीं, पूरे देश में फेमस हो रहे हैं। सिर्फ यहीं नहीं, मुओई फुक का घर अहब स्थानीय लोगों के साथ-साथ टूरिस्ट के बीच भी आकर्षण का केंद्र बन गया है। लोग नियमित रूप से वहां मुओई फुक को जंगली मछलियों को खाना खिलाते हुए देखने के लिए आते हैं।


दो सालों से खिला रहे मछलियों को खाना

खबरों के अनुसार मुओई फुक का घर नदी के बिल्कुल बगल में है और मछलियां रोज उनके घर के पास आती हैं और खाना मांगने के लिए पानी से बाहर मुंह निकालकर खोलने लगती हैं। मुओई फुक के अनुसार, वो लगभग दो सालों से इन मछलियों को खाना खिला रहे हैं। ये मछलियां असल में पैंगासियस नाम की जंगली मछलियां हैं।

इस तरह से शुरू हुआ खाना खिलाने का सिलसिला
जब उनसे पूछा गया कि ये सब कैसे शुरू हुआ तो मुओई ने बताया कि साल 2020 में उनकी पत्नी और बच्चे कहीं बाहर गए थे। नया साल होने की वजह से वो घर पर ही चावल पका रहे थे, तभी अचानक उन्होंने खिड़की के बाहर देखा कि कुछ मछलियां सतह पर आकर मंडरा रही हैं और मुंह बाहर निकार रहीं हैं। इसके बाद उन्होंने उन्हें बत्तखों का खाना डाल दिया और अपने काम पर लग गए।

मगर अगले दिन उन्होंने देखा कि ये मछलियां दोबारा लौट आई हैं और खाना मांगने लगी हैं। तब से ये सिलसिला रोज चलने लगा। शुरुआती दिनों में इन मछलियों के लिए केवल एक मुट्ठी बत्तखों का खाना काफी होता था। मगर ये मछलियां धीरे-धीरे अपने साथियों को भी लेकर आने लगी। जिसके बाद इनकी संख्या हजारों में हो गई। वह उन्हें रोज चार डाल रहे हैं। किसी को नहीं पता कि ये मछलियां कहां से आती हैं।


10 हजार से भी ज्यादा आती हैं मछलियां

कुछ लोगों का कहना है कि इनकी संख्या 10 हजार से भी ज्यादा है। इन मछलियों का पेट भरने के लिए हर महीने लगभग एक टन से भी ज्यादा चारे की जरूरत होती है। इसे खरीदने के लिए लागत बहुत ज्यादा होती है, इसलिए मुओई फुक उन्हें स्थानीय किसानों द्वारा दान किए गए खराब फल और सब्जियां भी खिला देते हैं, जो मछलियों को उत्नी ही पसंद आती हैं।

पड़ोसियों ने भी चारा खिलाने की कोशिश की थी
इन मछलियों को चारा डालकर पड़ोंसियों ने भी अपने पास बुलाने की कोशिश की थी। मगर हैरानी की बात ये है कि ये मछलियां उन घरों को पार कर सीधे मुओई के घर पर आकर रुकती हैं। इन मछलियों में अलग-अलग प्रजाति की मछलियां होती हैं। इनमें हैलीबट, कैटफिश, स्नेक हेड फिश, और हिंसक प्रवृति की सफेद पॉम्पैनो मछलियां भी शामिल हैं।

मछुआरों ने पकड़ने की कोशिश की
बड़ी संख्या में मछलियों के मुओई के घर पर आने के कारण हर रात कई दर्जन नाव उनके घर के पास रुकती हैं, और इन्हें पकड़ने की उम्मीद में मछुआरे अपना जाल वहां बिछा देते हैं। मगर उन सभी से मछलियां बचने में सफल रहती है। मगर फिर भी मुओई और उनके पिता अक्सर यह सुनिश्चित करने के लिए जागते रहते हैं कि कोई मछलियों को नुकसान न पहुंचा सके।

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