
Labour Day 2020
नई दिल्ली। एक मई को कई देशों में अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस ( International Labour Day 2020 ) मनाया जाता है। इन दिन को लेबर डे, श्रमिक दिवस और मजदूर दिवस के नाम से भी जाना जाता है। यह खास दिन पूरी तरह मजदूर वर्ग के लोगों को समर्पित है।
भारत समेत दुनिया के कई देशों में मजदूरों मजदूरों के सम्मान, उनकी एकता और उनके हक के समर्थन में मनाया मजदूर दिवस मनाया जाता है। इस दिन दुनिया के कई देशों में छुट्टी होती है। इस मौके पर मजदूर संगठनों से जुड़े लोग रैली व सभाओं का आयोजन करते हैं और अपने अधिकारों के लिए आवाज भी बुलंद करते हैं।
कैसे और क्यों हुई शुरुआत
अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस ( International Labour Day ) की शुरुआत आज के दिन यानी एक मई 1886 को अमेरिका ( America ) में एक आंदोलन से हुई । इस आंदोलन के दौरान अमेरिका में मजदूर तबके के लोग 8 घंटे का समय निर्धारित किए जाने को लेकर आंदोलन कर रहे थे।
रोजाना 15-15 घंटे काम कराए जाने और शोषण के खिलाफ पूरे अमेरिका ( America ) में सड़कों पर उतर आए थे। इस आंदोल में कई मजदूरों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इसके बाद 1889 में अंतर्राष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन की दूसरी बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया ।
जिसमें यह ऐलान किया गया कि 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाएगा और इस दिन सभी कामगारों और श्रमिकों का अवकाश रहेगा। इसके साथ भारत सहित दुनिया के तमाम देशों में काम के लिए 8 घंटे निर्धारित करने की मांग को मान लिया गया।
भारत में कैसे हुई मजदूर दिवस की शुरूआत
मजदूर दिवस भारत में पहली बार 1 मई 1923 को मनाया गया था। इसकी शुरुआत लेबर किसान पार्टी ऑफ हिन्दुस्तान के नेता कामरेड “सिंगरावेलू चेट्यार” ने की थी। जब उनकी अध्यक्षता में मद्रास हाईकोर्ट के सामने मजदूर दिवस मनाया गया, तभी से हर साल देशभर में मजदूर दिवस मनाया जाता है।
Published on:
01 May 2020 10:11 am
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