
नई दिल्ली। मैसूर के राजा टीपू सुल्तान की आज बरसी है, टीपू की मृत्यु आज ही के दिन 1799 में हुई थी। टीपू सुल्तान ने साल 1782 से 1799 तक मैसूर पर राज किया। टीपू सुल्तान अंग्रेजों के प्रति अपने सख्त रवैये के लिए याद किए जाते हैं। उस दौर में टीपू ने अंग्रेजों के लिए काफी फजीहत खड़ी कर दी थी। इतना ही नहीं टीपू ने अंग्रेजी सेना को काफी शानदार तरीके से धूल चटाई थी। लेकिन इन सब के बावजूद टीपू सुल्तान पर अपने समय में हिंदू मंदिर को तोड़ने के साथ-साथ हिंदुओं के नरसंहार के भी आरोप लगते आए हैं।
टीपू को धर्म निरपेक्ष बताने वाले लोगों को गलत ठहराते हुए कई हिंदू संगठनों ने इस बात का दावा किया है कि टीपू असहिष्णु और निरंकुश शासक था। हिंदू संगठनों की मानें तो टीपू ने न सिर्फ बड़े स्तर पर हिंदू मंदिरों को गिराया बल्कि हिंदुओं के नरसंहार के साथ-साथ लाखों की संख्या में धर्मांतरण भी कराया था। विलियम लोगन नाम के एक लेखक ने अपनी किताब 'मालाबार मैनुअल' में टीपू सुल्तान के बारे लिखा है कि वह अपनी 30 हज़ार सैनिक वाली फौज के साथ कालीकट में जमकर मार-काट किया था।
19वीं शताब्दी में अंग्रेजों के अधिकारी लोगन ने टीपू पर आरोप लगाते हुए लिखा कि उसने महिलाओं को भी नहीं बख्शा था। पुरुषों के साथ महिलाओं को भी फांसी पर लटका कर मार दिया जाता था। इतनी ही नहीं टीपू उनके बच्चों को उन्हीं की गर्दन में लटका दिया जाता था। लोगन की किताब 'मालाबार मैनुअल' में टीपू पर बड़ी संख्या में हिंदू मंदिरों और चर्च को तोड़ने का भी आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही टीपू ज़बरदस्ती शादी कराने का भी गंदा काम कराता था। बताते चलें कि टीपू सुल्तान को लेकर देश में माहौल कई बार गरम हो जाता है। देश की कई पार्टियां अपने-अपने विचार लेकर टीपू के मुद्दे पर कोहराम मचाते रहते हैं।
Published on:
04 May 2018 05:09 pm
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