script आचार्य आनन्द ऋषि की 110 वीं दीक्षा जयंती 20 दिसम्बर को | 110th Diksha Jayanti of Acharya Anand Rishi on 20th December | Patrika News

आचार्य आनन्द ऋषि की 110 वीं दीक्षा जयंती 20 दिसम्बर को

locationहुबलीPublished: Dec 19, 2023 10:28:31 pm

लक्ष्मेश्वर में साध्वी विपुलदर्शनाश्री के सान्निध्य में होंगे कई धार्मिक आयोजन

110th Diksha Jayanti of Acharya Anand Rishi on 20th December
110th Diksha Jayanti of Acharya Anand Rishi on 20th December
आचार्य आनन्द ऋषि महाराज की 110 वीं दीक्षा जयंती 20 दिसम्बर को सुबह लक्ष्मेश्वर में मनाई जाएगी। इस अवसर पर साध्वी विपुलदर्शनाश्री के सान्निध्य में कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान धर्म एवं ज्ञान आराधना की गंगा प्रवाहित होगी। समूचे देश में गुरुदेव आनन्द ऋषि को मानने वाले अनुयायी बड़ी संख्या में है। हुब्बल्ली से कई श्रावक समारोह में भाग लेने लक्ष्मेश्वर जाएंगे।
भारत सरकार ने उनके सम्मान में साल 2002 में डाक टिकट जारी किया। उन्हें राष्ट्र संत की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। वे वर्धमान स्थानकवासी श्रमण संघ के दूसरे आचार्य थे। उनका जन्म 27 जुलाई 1900 को महाराष्ट्र के चिंचोड़ी में हुआ। तेरह वर्ष की आयु में आचार्य रत्न ऋषि महाराज से दीक्षा प्राप्त की। उनकी दीक्षा 7 दिसंबर 1913 को अहमदनगर जिले के मिरी में हुई थी। तब उन्हें आनंद ऋषि महाराज नाम दिया गया। उन्होंने पंडित राजधारी त्रिपाठी के मार्गदर्शन में संस्कृत और प्राकृत स्तोत्र सीखना शुरू किया। उन्होंने जनता को अपना पहला प्रवचन 1920 में अहमदनगर में दिया था। रत्न ऋषि महाराज के साथ मिलकर आनंद ऋषि महाराज ने जैन धर्म का प्रचार-प्रसार शुरू किया था। आनन्द ऋषि महाराज ने श्रावकों के हित के लिए अनेक कार्यक्रम प्रारम्भ किए। वह कई शैक्षणिक संस्थानों के संस्थापक थे। अहमदनगर में आनंदधाम, आनंदऋषि अस्पताल, आनंदऋषि नेत्रालय और आनंदऋषि ब्लड बैंक उनकी याद में बनाए गए थे और उनके नाम पर रखे गए हैं।

ट्रेंडिंग वीडियो