
चिक्कमगलूर में 141 बच्चों ने छोड़ा स्कूल
चिक्कमगलूर. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से वर्ष 2023-24 में कराए गए सर्वेक्षण से पता चला है कि सभी बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के हर संभव प्रयास करने के बावजूद जिले में 14 वर्ष से कम उम्र के 141 बच्चे स्कूल से बाहर हैं। स्कूल छोडऩे वाले 190 बच्चों को चिन्हित करने वाले शिक्षा विभाग ने 49 बच्चों को स्कूल वापस लाने में सफल रहा। बाकी बच्चे स्कूल से बाहर हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा विभाग के सर्वेक्षण से पता चला है कि हाईस्कूल स्तर (कक्षा 8 से 10 वीं कक्षा) पर अधिक बच्चे स्कूल छोड़ रहे हैं। बच्चों के स्कूल न जाने का एक बड़ा कारण यह है कि वे सीखने में पीछे हैं। शिक्षा पिछडऩे के बाद उनकी पढ़ाई में रुचि खत्म हो जाती है और वे स्कूल आना बंद कर देते हैं। दूसरा कारण बच्चे काम से जुड़ रहे हैं। माता-पिता अपने बच्चों को मजदूरी के लिए अपने साथ ले जा रहे हैं, यही कारण है कि बच्चे स्कूल नहीं आते हैं।
प्रवासी श्रमिकों के बच्चे प्रभावित
अधिकारियों का कहना है कि तीसरा कारण यह है कि प्रवासी श्रमिकों के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। काम की तलाश में शहरों की ओर पलायन करने वाले माता-पिता के साथ जाने वाले बच्चे स्कूल छोड़ रहे हैं। विभिन्न जिलों से मजदूरी की तलाश में मलेनाडु आने वाले अभिभावकों के बच्चे भी स्कूल से दूर हो रहे हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सभी बच्चों को शिक्षा मिलनी चाहिए। प्रवासी श्रमिकों के बच्चों को उनके अभिभावकों को समझाकर स्कूल लाने का प्रयास किया जा रहा है।
Published on:
10 Aug 2023 04:16 pm
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