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₹884 करोड़ का भुगतान बकाया

राज्य की सभी महिलाओं को मुफ्त यात्रा का मौका देने से परिवहन निगमों पर कितना आर्थिक बोझ पड़ेगास इसे लेकर पिछले कई दिनों से राज्य सरकार के स्तर पर लंबी चर्चा चल रही है। राज्य के चार परिवहन निगमों में से एक, हुब्बल्ली-मुख्यालय स्थित उत्तर-पश्चिम कर्नाटक राज्य सडक़ परिवहन निगम वर्षों से आर्थिक स्थिति को समायोजित करने के लिए संघर्ष कर रहा है।

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₹884 करोड़ का भुगतान बकाया,₹884 करोड़ का भुगतान बकाया

आर्थिक संकट से जूझ रहा परिवहन निगम
महिलाओं के लिए मुफ्त बस पास का बढ़ेगा बोझ
हुब्बल्ली. राज्य की सभी महिलाओं को मुफ्त यात्रा का मौका देने से परिवहन निगमों पर कितना आर्थिक बोझ पड़ेगास इसे लेकर पिछले कई दिनों से राज्य सरकार के स्तर पर लंबी चर्चा चल रही है। राज्य के चार परिवहन निगमों में से एक, हुब्बल्ली-मुख्यालय स्थित उत्तर-पश्चिम कर्नाटक राज्य सडक़ परिवहन निगम वर्षों से आर्थिक स्थिति को समायोजित करने के लिए संघर्ष कर रहा है।

दैनिक औसत आय मात्र 4.74 करोड़ रुपए

2023 में निगम की दैनिक औसत आय 4.74 करोड़ रुपए है। इसी बीच, दैनिक खर्च 6.72 करोड़ रुपए है। निगम के लिए प्रतिदिन 2 करोड़ रुपए के हिसाब से प्रति माह 60 करोड़ रुपए का घाटा झेल रहा है। इस बारे में केंद्रीय कार्यालय के अवलोकन में वर्णित किया गया है। ऐसे में अधिकारियों ने राज्य सरकार को स्पष्ट कर दिया है कि महिलाओं की मुफ्त यात्रा का आर्थिक बोझ निगम नहीं उठा सकता।

कोविड की वजह से आर्थिक नुकसान झेलने वाले निगम के कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, भविष्य निधि बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज, सप्लायर्स आदि के मद में 884.15 करोड़ रुपए का भुगतान बकाया है। इसके अलावा 164.50 करोड़ रुपए कर्ज बकाया है। निगम अपनी आय के स्रोत से इस बकाया का भुगतान करने में सक्षम नहीं है। राज्य सरकार को समय-समय पर वित्तीय सहायता प्रदान करनी चाहिए। अगर अब राज्य सरकार के महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा का वित्तीय बोझ वहन करने पर 884.15 करोड़ रुपए बकाया कैसे चुकाएंगे, इसकी चिंता निगम को सता रही है। यह रकम हर महीने बढ़ती रहेगी।

निगम पर हाल तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का भुगतान बकाया था। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के चलते मार्च 2023 में राज्य भाजपा सरकार ने 418 करोड़ रुपए जारी किया। इस आर्थक सहायता में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए 209 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। जनवरी 2023 के बाद सेवानिवृत्त होने वालों का भुगतान बकाया है, जो 23.86 करोड़ रुपए को छुआ है।

उत्तर-पश्चिम कर्नाटक राज्य सडक़ परिवहन निगम धारवाड़, बेलगावी, बागलकोट, विजयपुर, हावेरी, गदग और उत्तर कन्नड़ जिले को कवर करता है। करीब 22500 अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं।

पीएफ राशि का ही बड़ा हिस्सा

निगम के बकाया भुगतान में भविष्य निधि (पीएफ) भुगतान का ही बड़ा हिस्सा है। यह राशि 595.91 करोड़ रुपए तक पहुंचा है। पिछले 4 साल से कर्मचारियों के वेतन और संगठन के हिस्से से काटी गई पीएफ राशि का भुगतान ईपीएफओ कार्यालय को नहीं किया गया है। कर्मचारियों के लिए वेतन वृद्धि, अवकाश नकदीकरण, अन्य भुगतान समेत 131.49 करोड़ रुपए बकाया है। ऑटो पार्ट्स के आपूर्तिकर्ताओं को दुर्घटना के मामलों में अदालती आदेश के बावजूद मुआवजे के भुगतान को निगम ने बकाया रखा है।

वित्तीय सहायता मांगेंगे

वर्ष 2022-23 में, कर्नाटक सरकार ने निगम को 720 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद की थी। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों का बकाया और ईंधन खर्च का भुगतान करना संभव हो सका। अब नई सरकार अस्तित्व में आई है, हम परिवहन मंत्री के पास जा कर निगम की मांगों पर चर्चा करेंगे और वित्तीय सहायता मांगेंगे।
-एस. भरत, प्रबंध निदेशक, उत्तर-पश्चिम कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम

भुगतान बकाया (15-05-2023 तक)

विवरण राशि (करोड़ रुपए में)

पीएफ फंड ट्रस्ट बोर्ड 595.91

सेवानिवृत्त कर्मचारियों का बकाया 23.86

कर्मचारियों की बकाया राशि का भुगतान 131.49

आपूर्तिकर्ताओं के बिल का भुगतान 22.43

एमवीसी दावा 60.05

अन्य बिल 50.41

कुल 884.15