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सत्य की साधना को समर्पित थे आचार्य भिक्षु

सत्य की साधना को समर्पित थे आचार्य भिक्षु

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हुबली

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S F Munshi

Sep 27, 2023

सत्य की साधना को समर्पित थे आचार्य भिक्षु

सत्य की साधना को समर्पित थे आचार्य भिक्षु

बल्लारी
शांतिदूत आचार्यश्री महाश्रमण के सुशिष्य डॉ. मुनिश्री पुलकित कुमार, मुनिश्री आदित्य कुमार आदि ठाणा 2 के मंगल सानिध्य में तेरापंथ प्रणेता आचार्यश्री भिक्षु का 221 वां चरमोत्सव का आयोजन तेरापंथ भवन बल्लारी में हुआ।
तेरापंथ की श्रद्धा के केंद्र आचार्यश्री भिक्षु के प्रति विनयांजलि प्रस्तुत करते हुए डॉ. मुनिश्री पुलकित कुमार ने कहा कि सत्य की साधना को समर्पित नाम है आचार्य भिक्षु। उन्होंने जैन आगमों का नवनीत निकालकर जनता के सामने प्रस्तुत किया। वे भगवान महावीर की वाणी के प्रति वे पूर्ण समर्पित थे। सत्य सिद्धांतों को जनता के गले उतरने में आचार्य भिक्षु को अनेक संघर्ष झेलने पड़े, फिर भी वह डटे रहे। उनका विरोध भी बहुत हुआ। रहने को जगह नहीं मिली। भोजन पानी का अभाव रहा, फिर भी अलमस्त फकीरी मौज में वे रहे।
डॉ. मुनिवर ने आचार्य भिक्षु चरमोत्सव की महिमा बताते हुए कहा कि भाद्रपद शुक्ल 13 के दिन उन्होंने तेजस्वी संयम जीवन जीते हुए 7 प्रहर की अनशनमय स्थिति में इस नश्वर शरीर से विदाई ली थी। हजारों नर नारी उनके अंतिम दर्शनों के लिए राजस्थान के सिरियारी (पाली) पहुंचे थे। आज वहां आचार्य भिक्षु समाधि स्थल उनकी पावन स्मृति करवाता है।
आचार्य भिक्षु का जीवन श्रम का जीता जागता उदाहरण था। वे 77 वर्ष की उम्र में भी गोचरी, प्रवचन एवं खड़े-खड़े प्रतिक्रमण करते थे। उन्होंने एक गुरु और एक विधान की जैन शासन में नई शुरुआत की। मर्यादा और अनुशासन की ओजस्वी रश्मियों से संपूर्ण जगत को आलोकित किया था। मुनिवर ने प्रथम गुरु की स्मृति करते हुए भिक्षु म्हारे प्रगटियांजी भरत खेतर में राजस्थानी गीत का श्रद्धा के साथ संगान किया।
नचिकेता आदित्य मुनि ने चैत्य पुरुष जग जाए गीत के साथ आस्था पूरित प्रस्तुति दी। महिला मंडल की तरफ से प्रवीणा लुणावत, तेरापंथ सभा से कमलचंद छाजेड़ ने भावांजलि प्रस्तुत की। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद की ओर से निर्देशित बल्लारी परिषद की ओर से एक घंटा भिक्षु जय भिक्षु का जाप रखा गया, जिसमें श्रावक समाज ने उत्साह से भाग लिया।
मुनि डॉ. पुलकित कुमार ने सभी श्रावकों को सवा लाख जाप करने की प्रेरणा दी। रात्रि में एक शाम भिक्षु के नाम धम्मजागरणा का आयोजन हुआ। इस प्रकार जप एवं तप के साथ भिक्षु चरमोत्सव मनाया गया। तेयुप मंत्री अंकित खीवेंसरा ने यह कार्यक्रम की जानकारी दी।
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