
Ayurveda, Panchakarma and Naturopathy
हुब्बल्ली. भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों आयुर्वेद, पंचकर्म और प्राकृतिक चिकित्सा के लाभ और महत्व के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा। यहां मुकुन्द नगर स्थित हेल्थ केयर वेलनेस सेंटर विश्वचेतना योग रिसर्च सेंटर में अगले एक पखवाड़े तक इन चिकित्सा पद्धतियों से नि:शुल्क इलाज की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। आयुर्वेद, पंचकर्म और प्राकृतिक चिकित्सा के प्रदर्शन, इलाज के साथ मरीजों को परामर्श भी दिया जाएगा। लोग प्रतिदिन इन चिकित्सा पद्धतियों का लाभ उठा सकेंगे। चिकित्सकों के मार्गदर्शन में योग, पंचकर्म के विशेषज्ञों की टीम सेंवाएं देंगी। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर यहां मुकुन्द नगर में एमडब्ल्युबी ग्रुप ने हेल्थ केयर वेलनेस सेंटर विश्वचेतना योग रिसर्च सेंटर (पतंजलि वेलनेस) की शुरुआत की। योग के इस सत्र में डोलर्स कॉलोनी, मुकुंद नगर, लक्ष्मी पार्क, सम्मान कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों से लोग शामिल हुए और योगाभ्यास किया। यहां योग के साथ ही आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, पंचकर्म चिकित्सा की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। केन्द्र में प्रशिक्षित मेडिकल डॉक्टर और थेरेपिस्ट उपलब्ध रहेंगे। हेल्थ केयर वेलनेस सेंटर विश्वचेतना योग रिसर्च सेंटर के अध्यक्ष रमेश बाफना मोकलसर ने बताया कि केंद्र ने जरूरतमंद लोगों के लिए एकीकृत आयुष उपचार की सुविधा मुहैया करवाई है। आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, पंचकर्म और यौगिक स्वास्थ्य देखभाल और फिटनेस पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस मौके पर हेल्थ केयर वेलनेस सेंटर विश्वचेतना योग रिसर्च सेंटर के अध्यक्ष रमेश बाफना, उपाध्यक्ष गौतम बाफना, ट्रस्टी उकचंद बाफना, सचिव मुकेश बाफना, ट्रस्टी दिनेश जैन, हितेश बाफना, श्रीपाल बाफना समेत अन्य उपस्थित थे। चिकित्सकों के अनुसार, शरीर पंच तत्व मिट्टी, जल, वायु, अग्नि और आकाश से मिलकर बना होता है। इन तत्वों के असंतुलन से रोग उत्पन्न होते हैं। इसे संतुलित बनाने की पद्धति ही प्राकृतिक चिकित्सा है। यह एक दवा रहित इलाज की पद्धति है, जिसमें योग और आहार विशेष महत्व रखते हैं। प्राकृतिक चिकित्सा में आहार को भी औषधि माना गया है। मरीजों को रोग के अनुसार उन्हें भोजन में क्या लेना चाहिए और कौन से योगासान करना चाहिए इसकी सलाह भी दी जाएगी। इसके साथ आयुर्वेद, पंचकर्म पद्धति से लोगों का इलाज किया जाएगा। आयुर्वेद में वात, पित्त, कफ के असंतुलन के अनुसार बीमारी का कारण जानकर चिकित्सा की जाती है। इस पद्धति में वमन कर्म, विरेचन, वस्ति चिकित्सा, नस्य कर्म और रक्त मोक्षण के माध्यम से इलाज किया जाता है। शिविर में आने वाले मरीजों को इसकी आवश्यकतानुसार परामर्श और क्रियाओं का प्रदर्शन कर जानकारी दी जाएगी।
Published on:
23 Jun 2023 05:40 pm
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