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राजस्थान के चार दोस्तों ने लिखा सफलता का नया अध्याय, विदेशी शिक्षा से कैफे स्टार्टअप तक का सफर

कहते हैं कि बड़ा सपना देखने के लिए बड़ी पूंजी नहीं, बल्कि बड़ा हौसला चाहिए। राजस्थान के चार युवा दोस्तों ने इसी सोच को साकार करते हुए हुब्बल्ली में एक सफल स्टार्टअप की नींव रखी है। दो युवकों और दो युवतियों की इस टीम ने अपनी उद्यमशीलता, मित्रता और नवाचार के दम पर ऐसा कारोबार खड़ा किया है, जो आज युवाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण बन रहा है।
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हुबली

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ASHOK SINGH RAJPUROHIT

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Updated: 19 Jun 2026, 3:05 PM IST

अपने स्टार्टअप की सफलता का सफर साझा करते राजस्थान के युवा उद्यमी रोहित सालेचा, विनीत पालगोता, अन्वी ओस्तवाल और सांची मालानी।

अपने स्टार्टअप की सफलता का सफर साझा करते राजस्थान के युवा उद्यमी रोहित सालेचा, विनीत पालगोता, अन्वी ओस्तवाल और सांची मालानी।

युवाओं की बदलती जीवनशैली की नब्ज पहचानी
बालोतरा निवासी रोहित सालेचा (बीसीए), टापरा के विनीत पालगोता (बीबीए), सिवाना की अन्वी ओस्तवाल (बीकॉम) और चौराऊ की सांची जैन मालानी (बीबीए) पिछले पांच वर्षों से ओवरसीज एजुकेशन क्षेत्र में कार्य कर रहे थे। ये चारों मिलकर विद्यार्थियों को यूके, आयरलैंड और अन्य देशों में एमबीए, एमएस सहित उच्च शिक्षा के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते थे। मार्केटिंग, काउंसलिंग और लीड मैनेजमेंट जैसे कार्यों में इनकी अच्छी पकड़ थी। इसी दौरान एक दिन चारों मित्र एक कैफे में बैठे हुए थे। बातचीत के दौरान विचार आया कि केवल दूसरों के करियर को दिशा देने के बजाय स्वयं भी कोई नया उद्यम शुरू किया जाए। युवाओं की बदलती जीवनशैली और फूड इंडस्ट्री की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए उन्होंने कैफे व्यवसाय में कदम रखने का निर्णय लिया। करीब दो वर्ष पहले इन चार दोस्तों ने हुब्बल्ली के तोलंकेरे क्षेत्र में अपना पहला क्रीक कैफे शुरू किया। ग्राहकों की शानदार प्रतिक्रिया और बढ़ती लोकप्रियता के बाद हाल ही में केशवापुर क्षेत्र में दूसरी शाखा भी प्रारंभ की गई है। इस पूरे सफर में युवा उद्यमी मुकेश कोठारी का विशेष प्रोत्साहन, मार्गदर्शन और सहयोग मिला।

आगरा से विशेष कारीगरों को बुलाया
कैफे का नाम भी काफी रोचक है। क्रीक शब्द जर्मन भाषा से प्रेरित है, जिसका अर्थ नदी के किनारे या छोटी जलधारा के आसपास का शांत और सुकूनभरा स्थान होता है। इसी अवधारणा को ध्यान में रखते हुए कैफे को युवाओं के लिए आरामदायक और आकर्षक माहौल प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। क्रीक कैफे में पिज्जा, पास्ता, सैंडविच, कॉफी, चाय, खाखरा सहित विभिन्न प्रकार के व्यंजन उपलब्ध हैं। स्वाद और गुणवत्ता को विशेष महत्व देते हुए पास्ता तैयार करने के लिए आगरा से विशेष कारीगरों को बुलाया गया है। यही कारण है कि कम समय में यह कैफे युवाओं और परिवारों के बीच लोकप्रिय बन गया है।

सही योजना, टीमवर्क और मेहनत
चारों युवा उद्यमियों का मानना है कि आज की पीढ़ी को केवल नौकरी खोजने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने विचारों को व्यवसाय में बदलकर रोजगार के नए अवसर भी पैदा करने चाहिए। उनका कहना है कि यदि सही योजना, टीमवर्क और मेहनत हो तो छोटे स्तर से शुरू किया गया स्टार्टअप भी बड़ी सफलता हासिल कर सकता है। आज क्रीक कैफे हुब्बल्ली के चर्चित कैफे में अपनी पहचान बना चुका है। राजस्थान के इन चार दोस्तों की कहानी यह संदेश देती है कि सपनों को हकीकत में बदलने के लिए उम्र नहीं, बल्कि सोच और साहस मायने रखते हैं।