
बढ़ रहे वायरल बुखार के मामले, बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा ज्यादा असर,बढ़ रहे वायरल बुखार के मामले, बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा ज्यादा असर
अस्पताल के ओपीडी में बढ़ रही मरीजों की संख्या
हुब्बल्ली. बदलते मौसम के कारण वायरल बुखार जैसे मामले बढ़ रहे हैं। रिमझिम बारिश, चल रही हवा, ठंड का असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। बीमार लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है और वे इलाज के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों का सहारा ले रहे हैं। किसी को सर्दी है, किसी को बुखार है। इसके अलावा ज्यादातर लोगों को बदन दर्द की समस्या है। आराम से चलने में असमर्थ हैं। कुछ दोस्तों और रिश्तेदारों की मदद से डॉक्टर के पास जा रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग सीधे दवा की दुकानों (मेडिकल शॉप) से दवा ले रहे हैं। शहर के कर्नाटक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (किम्स) में बाह्य रोगियों की संख्या बढ़ रही है और अस्पताल के डॉक्टर और पैरामेडिकल कर्मचारी स्थिति को संभाल रहे हैं। डॉक्टर उन्हें जल्द ठीक होने का आश्वासन देते हुए चिंता मत करो, शीघ्र ठीक हो जाओगे कहकर इलाज कर रहे हैं।
जून में 1,772 लोग भर्ती: बच्चों सहित सभी आयु वर्ग के 10,472 लोगों को मई में बुखार, खांसी, सर्दी और अन्य बीमारियों के इलाज के लिए किम्स में बाह्य रोगी के तौर पर इलाज किया गया है, जबकि 1,817 को भर्ती कराया गया है। जून में 10,880 लोगों का बाह्य रोगी के तौर पर इलाज किया गया, जबकि 1,772 लोगों को भर्ती किया गया है। कई दिनों से बाह्य रोगी प्रवेश में वृद्धि देखी गई है।
3 प्रतिशत की बढ़ोतरी
मई माह की तुलना में जून माह में बाह्य रोगियों की संख्या में 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। भारी बारिश होने पर हर कहीं पानी जमा हो जाएगा। वातावरण में स्वच्छता नहीं रहेगी। पीने का पानी भी दूषित हो सकता है। वही पानी पीने की संभावना रहती है।
बुखार, खांसी और सर्दी से पीड़ित
किम्स ओपीडी पंजीकरण केंद्र के कर्मचारियों ने कहा कि किम्स के 9 बाह्य रोगी पंजीकरण केंद्रों में प्रतिदिन कम से कम 800 लोग विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए पंजीकरण कराते हैं। उनमें से 400 से अधिक लोग बुखार, खांसी और सर्दी से पीड़ित हैं।
सफाई का ध्यान रखें
अगर घर में किसी को बुखार और खांसी है तो उनसे दूरी बनाकर रखना चाहिए। बाहर निकलने पर मास्क पहनना चाहिए। बरसात के मौसम में ज्यादातर लोगों में, खासकर बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। इन्हें बुखार जैसी सामान्य बीमारी होने का खतरा रहता है। यह बुखार पहले बच्चों में होता है और फिर पूरे घर में फैल जाता है। इसके चलते जल्द ही उचित इलाज प्राप्त करना अच्छा है। मई माह की तुलना में जून माह में बाह्य रोगियों की संख्या में मामूली वृद्धि हुई है परन्तु घबराने की जरूरत नहीं है।
- डॉ. सिद्धेश्वर बी. कटकोल, स्थानीय चिकित्सा अधिकारी, किम्स अस्पताल
Published on:
10 Jul 2023 08:51 pm
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