पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शनहुब्बल्ली
हुब्बल्ली
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ शनिवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल पंपों पर प्रदर्शन कर नाराजगी जताई। कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन किया।
विधायक प्रसाद अब्बय्या ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से जनता त्रस्त है। ऐसे में अब कोरोना काल में कांग्रेस सड़कों पर उतर कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करना पड़ रहा है। जब यूपीए सत्ता में थी, तब पेट्रोल और डीजल पर टैक्स 9.20 रुपए था। अब यह 32 रुपए है। पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी वृद्धि को पूरी तरह से वापस लेना चाहिए। ईंधन को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए। भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण देशवासी 15 महीनों से कोरोना से जूझ रहे हैं। आज कोविड महामारी, लोगों को मुफ्त वैक्सीनेशन, बढ़ती महंगाई, पेट्रोल व डीजल के दामों में लगातार हो रही वृद्धि, एक्साइज ड्यूटी व वैट के अधिकतम प्रतिशत, गैस सिलेंडर, सफाई कर्मचारियों के हक की लड़ाई, देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था और मोदी-येडियूरप्पा के नेतृत्व की केंद्र तथा राज्य सरकार की आपसी लड़ाई से राज्य तथा देश की जनता का हाल पूरी तरह से बेहाल है। जनता त्रस्त हो चुकी है।
कांग्रेस नेता रजत उल्लागड्डिमठ ने कहा कि एक वक्त था जब देश में कांग्रेस की सरकार थी और तब भाजपा के तमाम नेता, जो आज केंद्र सरकार में मंत्री बने बैठे हैं, वे सड़कों पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर जेल भरो आंदोलन करते थे। आज वे तमाम नेता पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों पर चुप हैं वह भी तब, जब कच्चे तेल की कीमत कम है। आज केंद्र और राज्य दोनों सरकारें जनता को लूटने का काम कर रही हैं।
प्रदर्शन में कांग्रेस नेता अल्ताफ हुसैन हल्लूर, राजशेखर मेणसिनकाई, बाबाजान मुधोल, बंगारेश हिरेमठ, अब्दुल गनी वलीअहमद, मोहन हिरेमनी, शाकिर सनदी, शरणप्पा कोटगी, प्रकाश कैरकट्टी, अनिता गुंजाल, स्वाति मळगी समेत कई उपस्थित थे।