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बिजली के लिए किसानों का प्रदर्शन

बारिश की बेरूखी के बाद फसल बचाने की कोशिशधारवाड़, बेलगावी, हावेरी, गदग, उत्तर कन्नड़, बागलकोट, विजयपुर जिलों से आए किसानों ने लिया भाग

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बिजली के लिए किसानों का प्रदर्शन

बिजली के लिए किसानों का प्रदर्शन

हुब्बल्ली. कर्नाटक राज्य किसान संघ और ग्रीन आर्मी के नेतृत्व में किसानों ने शहर के नवनगर स्थित हेस्कॉम मुख्य कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने बारिश की कमी से बोई गई फसलों को बचाने की खातिर खेतों की सिंचाई के लिए दिन में कम से कम 12 घंटे नियमित बिजली की आपूर्ति करने की मांग की।

हेस्कॉम कार्य क्षेत्र के धारवाड़, बेलगावी, हावेरी, गदग, उत्तर कन्नड़, बागलकोट, विजयपुर जिलों से आए किसानों ने भाग लिया था।

फसल नष्ट हो रही

कर्नाटक राज्य किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष चूनप्पा पुजेरी ने कहा कि बारिश ने हाथ दिया है। बोई गई फसल सूख रही है। झीलों और कुओं से पानी पंप करने के लिए ग्रामीण इलाकों में पिछले एक महीने से बिजली की कमी हो गई है। इससे पानी न देने से फसलें नष्ट हो रही हैं।

दिन में कम से कम 12 घंटे बिजली की आपूर्ति करने पर कृषि गतिविधियों में मदद मिलेगी। साथ ही किसानों के बच्चों को रात में पढ़ाई करने में मदद मिलेगी। बिजली आपूर्ति के लिए तत्काल कार्रवाई करने की मांग को लेकर हमने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री को भी अवगत कराया है।

बिजली के पारेषण छीजत को रोका जाए

उन्होंने मांग की कि 50 साल पुराने बिजली के तार, बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर को बदलकर बिजली रिसाव को रोका जा सकता है। विद्युत दुर्घटनाओं से प्रभावित किसानों की फसल नुकसान, पशुधन एवं सामान की क्षति का तत्काल मुआवजा देना चाहिए। बिजली दरें कम करनी चाहिए।

संघ के कार्याध्यक्ष महेश सुबेदार ने कहा कि पर्याप्त बिजली देना संभव नहीं है, अगर सरकार चलाना संभव नहीं है तो मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए।

एम.एन. नायक ने कहा कि किसानों को फसल बीमा का मुआवजा ठीक से नहीं मिल रहा है। बीमा कंपनियां किसानों की पीड़ा पर प्रतिक्रिया नहीं दे रही हैं। सरकार को किसानों की कोई परवाह नहीं है। किसानों को सडक़ों पर आकर लडऩा पड़ रहा है इसके लिए मुख्यमंत्री को शर्म आनी चाहिए।

बागलकोट के परमेश्वर ने कहा कि कुछ जगहों पर बिजली के खंभे और टीसी बदलने के लिए अधिकारियों ने किसानों से रिश्वत ली है। अधिकारी किसानों के प्रति उदासीनता बरत रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

हेस्कॉम प्रबंध निदेशक ने किया वादा
किसानों की गुहार सुनने के बाद हेस्कॉम के प्रबंध निदेशक मोहम्मद रोशन ने कहा कि हम हर दिन कम से कम 6 घंटे लगातार बिजली उपलब्ध करते हैं। बिजली के खंभे और टीसी को बदलने के लिए तुरंत कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री किसानों की समस्या से अवगत हैं। 13 अगस्त को पूरे देश में पवन ऊर्जा उत्पादन बंद हो गया था। इसके चलते उस सप्ताह समस्या हुई थी। अब हम प्रतिदिन 15 करोड़ से 20 करोड़ रुपए की बिजली खरीद कर आपूर्ति कर रहे हैं। आगामी दिनों में बिजली की कोई कमी नहीं होगी।